देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में वेतन आयोग अंतिम रूप से आकलन कर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। हलांकि, इस बीच ऑल इंडिया NPS फेडरेशन ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर तक का प्रस्ताव दिया है।
फेडरेशन को आशंका है कि आयोग अधिक फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश बमुश्किल ही करेगा। इस कड़ी में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल 2.10 फिटमेंट फैक्टर पर कैल्कुलेशन कर सदस्यों की राय भी मांग रहे हैं।
7वें वेतन आयोग की तुलना में 8वें वेतन आयोग में उनका कैल्कुलेश सैलरी और पेंशन में 31 पर्सेंट तक की उम्मीदें जगा रहा है। हालांकि, इसका अंतिम फैसला आयोग के पास ही है, क्योंकि अभी इसका जवाब किसके पास नहीं है कि आयोग द्वारा अंतिम रूप से सैलरी और पेंशन में कितने पर्सेंट की वृद्धि की जा सकती है।
कितनी बढ़ सकती है आपकी सैलरी और पेंशन
8वें वेतन आयोग में सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ सकती है, इसका सही जवाब 8वां वेतन आयोग देशभर में अपनी बैठकें खत्म होने के बाद दे सकता है। हालांकि, डॉ. मंजीत पटेल ने 100 रुपये के मूल वेतन से 7वें और 8वें वेतन आयोग को लेकर एक कैल्कुलेशन लगाया गया है, जिसमें सैलरी 31.25 फीसदी तक बढ़ सकती है। सैलरी को देखते हुए पेंशन भी इसी अनुपात में बढ़ाई जानी चाहिए।
इस तरह समझें 7वें वेतन आयोग का कैल्कुलेशन
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मान लिजिए छठे वेतन आयोग में सैलरी 100 रुपये है और डीए बढ़कर 125 पर्सेंट हुआ। इसमें बेसिक और डीए मिलाकर 225 रुपये सैलरी बनी। यह सातवां वेतन आयोग है, तो इसमें 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगा, तो 100 की गुना 2.57 से की गई, जिससे 257 निकलकर आया। अब हम वास्तविक बढ़ोतरी देखें, तो यह 257-225 करिये, तो 32 आएगा। अब इसे 225 के बेसिक पर प्रतिशत कर निकाला जाए, तो यह 14.2 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है।
यह है 8वें वेतन आयोग का कैल्कुलेशन
अब मान लिजिए कि 100 रुपये सैलरी है और डीए बढ़कर 60 पर्सेंट पहुंच गया। सैलरी और डीए मिलकर 160 रुपये हो गया। अब इसमें फिटमेंट फैक्टर 2.10 लागू होता है, तो यह सैलरी 210 रुपये होगी। यदि वास्तविक सैलरी की बात की जाए, तो 210-160 करें, तो 50 आएगा। अब 50 को 210 के आधार पर प्रतिशत में निकालेंगे, तो यह 31.25 फीसदी आएगा।
