जिस सफर में 20 से 24 घंटे तक लग जाते हैं, वही यात्रा भविष्य में करीब 7 घंटे में पूरी हो जाए तो कितना बेहतर होगा। दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन इसी तस्वीर को बदलने की तैयारी में है। इस प्रोजेक्ट को लेकर अब एक अहम कदम आगे बढ़ा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने प्रस्तावित कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) रेल मंत्रालय को सौंप दी है।
दिल्ली से पटना पहुंचने में लगेंगे करीब 5 घंटे
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना का सफर भी काफी छोटा हो सकता है। अभी ट्रेन से दिल्ली-पटना जाने में करीब 12 से 14 घंटे लगते हैं, जबकि बुलेट ट्रेन से यह दूरी लगभग 4 घंटे 41 मिनट में तय होने का अनुमान है। यानी सुबह दिल्ली से ट्रेन पकड़ने वाला यात्री कुछ ही घंटों में पटना पहुंच सकता है।
दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर करीब 6 घंटे 45 मिनट
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण दिल्ली-सिलीगुड़ी यात्रा का समय है। अभी इस रूट पर ट्रेन से करीब 20 से 24 घंटे लग सकते हैं। प्रस्तावित हाई-स्पीड ट्रेन से यही सफर लगभग 6 घंटे 45 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।
किन शहरों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन?
प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाने की योजना है। बिहार में इसके रूट में बक्सर, आरा और पटना जैसे प्रमुख शहरों को जोड़े जाने की बात सामने आई है।
पटना इस रूट का एक अहम पड़ाव हो सकता है। हालांकि, फाइनल रूट और स्टेशनों को लेकर परियोजना की आगे की प्रक्रिया में तस्वीर और साफ होगी।
दिल्ली-वाराणसी भी कुछ घंटों का सफर
प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी सेक्शन करीब 756 किलोमीटर लंबा है। हाई-स्पीड ट्रेन से इस दूरी को लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा करने का अनुमान है। फिलहाल सामान्य ट्रेनों से दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा में करीब 11 से 12 घंटे तक लग सकते हैं।
प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की तैयारी भी शुरू
DPR रेल मंत्रालय को सौंपे जाने के बाद अब प्रोजेक्ट से जुड़े काम को आगे बढ़ाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। NHSRCL ने 7 सितंबर 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की है।
इनके तहत प्रतिनियुक्ति पर तीन OSD और तीन AGM स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया करीब 30 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूर्वी भारत के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
इस कॉरिडोर का फायदा सिर्फ दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच सफर करने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के कई प्रमुख शहर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंच आसान बनाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
अभी बुलेट ट्रेन कब चलेगी?
फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर DPR जमा होने के बाद आगे की प्रक्रिया चल रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रेन जल्द ही पटरी पर दौड़ने लगेगी। परियोजना के लिए आगे कई प्रशासनिक, तकनीकी और निर्माण से जुड़े फेज पूरे होने बाकी हैं।
