मौजूदा समय में सरकार AI व इससे जुड़े तकनीकी पहलुओं पर अधिक जोर दे रही है, जिससे देश का मिश्रित विकास हो सके। साथ ही, सरकार द्वारा AI Safety City पर भी अधिक जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश में एक जिला ऐसा भी है, जिसे AI Safety City के तौर पर विकसित किया जा रहा है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
कौन-सा जिला बन रहा है पहली AI Safety City
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने राजधानी शहर लखनऊ को देश का पहला एआई-सक्षम सुरक्षित शहर यानि AI Safe City बनाने की परियोजना शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों, मशीन लर्निंग और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए नागरिक सुरक्षा, विशेष रूप से महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूत करना है।
AI सेफ्टी सिटी परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
-शहर के आधुनिक ट्रैफिक, पुलिस और नागरिक सेवाओं को इंटीग्रेट करने के लिए आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। यह सेंटर पूरे शहर में फैले हजारों स्मार्ट कैमरों से मिलने वाले डेटा को रियल-टाइम में मॉनिटर और एनालाइज करता है।
-एआई सेफ्टी सिटी के तहत कैमरों में ऐसे एआई एल्गोरिदम लगाए गए हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की खुद पहचान कर लेते हैं।
-भीड़ जमा होने या हिंसा की स्थिति में यह सिस्टम तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजता है।
-महिलाओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इलाकों में पैनिक बटन और एआई-इनेबल्ड कैमरे लगाए गए हैं, जो संकट की स्थिति में पुलिस रेस्पांस टाइम को काफी कम कर देते हैं।
-एआई-संचालित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों जैसे बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग या रेड लाइट जंप की ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान करके तुरंत ई-चालान जनरेट करता है।
सुरक्षा और एआई इकोसिस्टम का मिश्रण
लखनऊ को सिर्फ सुरक्षा के मामले में ही नहीं, बल्कि पूरे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ को भारत के पहली AI City के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई है, जहां एआई टेक पार्क, रिसर्च सेंटर और स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
