आपने दुनिया के अलग-अलग डाकघरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, भारत में दुनिया का इकलौता ऐसा डाकघर भी है, जो कि किसी जमीन पर न होकर पानी की सतह पर है। यह डाकघर 24 घंटे तैरता रहता है। ऐसे में यह सिर्फ डाकघर तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने आप में एक अनोखा और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। कौन-सा है यह डाकघर, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
कौन-सा है तैरता हुआ डाकघर
भारत और दुनिया का इकलौता तैरता हुआ डाकघर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में स्थित डल झील में है। यह डाकघर बहुत ही प्रसिद्ध डाकघर है, जो कि पर्यटन के लिहाज से ही एक प्रमुख स्थल माना जाता है।
ब्रिटिश शासन से है डाकघर
यह डाकघर ब्रिटिश शासन के समय से ही अस्तित्व में था। पहले इसे सामान्य 'डल लेक पोस्ट ऑफिस' कहा जाता था। हालांकि, अगस्त 2011 में भारत सरकार ने इसका रेनोवेशन किया और इसे 'फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस' का नाम दिया गया।
कैसे बना है डाकघर
यह डाकघर एक बड़े शिकारे यानि कि हाउसबोटपर बना हुआ है, जो पानी पर तैरता रहता है। इसमें दो बड़े कमरे बने हैं, जिनमें पहले कमरे में सामान्य डाकघर की तरह चिट्ठियां छांटना, पोस्टल स्टाम्प बेचना और मनी ऑर्डर का काम होता है। वहीं, दूसरे कमरे में एक फिलाटेली संग्रहालय और मेमरिज की दुकान है, जहां से पर्यटक विशेष डाक टिकट, ग्रीटिंग कार्ड और स्थानीय कलाकृतियां खरीद सकते हैं।
डाकघर की है विशेष स्टाम्प
इस डाकघर की सबसे खास बात इसकी विशेष मुहर है। इस डाकघर से भेजी जाने वाली हर चिट्ठी पर जो मुहर लगाई जाती है, उसमें डल झील में चलते हुए शिकारे और एक नाविक का चित्र बना होता है। पर्यटक यहां से अपने परिजनों को पोस्टकार्ड भेजते हैं, ताकि उन पर यह ऐतिहासिक और अनोखी मुहर लग सके, जिसे लोग यादगार के तौर पर संभालकर रखते हैं।
कैसे काम करता है डाकघर
डल झील में हाउसबोट्स और नावों में रहने वाले स्थानीय लोगों और शिकारियों को डाक पहुंचाने के लिए एक डाकिया खुद एक छोटे शिकारे में बैठकर पानी के रास्ते डाक बांटने जाता है। यह डाकघर झील के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए बचत खाते और पैसे के लेनदेन की सुविधा भी प्रदान करता है।
इंटरनेट कनेक्टिविटी से है लैस
यह तैरता हुआ डाकघर पूरी तरह से आधुनिक है। यहां इंटरनेट की सुविधा, डिजिटल सिस्टम और यहां तक कि पर्यटकों और ग्राहकों के लिए इंटरनेशनल कॉलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
