अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है। हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है। यह दिन हिंदी के प्रति सम्मान और इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए है। बीते कई वर्षों से हिंदी का बोलबाला रहा है। हालांकि, समय के साथ इसमें कई बदलाव भी हुए हैं। हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, जो कि आज भी बने हुए हैं। इस लेख में हम बीते 131 सालों में हिंदी के पूरे बदलते स्वरूप के बारे में पढ़ेंगे।
131 साल पहले ऐसी हुई शुरुआत
साल 1893 में हिंदी भाषा का प्रसार करने के लिए वाराणसी में नागरी प्रचारिणी सभा का गठन किया गया। इसने देवनागरी और हिंदी साहित्य के प्रचार में भूमिका निभाई थी। संस्था की ओर से हिंदी शब्दसागर नाम का शब्दकोश तैयार किया गया था।
1903 में शुरू हुआ नया युग
साल 1903 में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा सरस्वती पत्रिका का संपादन संभाला गया, जिससे हिंदी का नया युग शुरू हुआ। उनके द्वारा खड़ी बोली के शुद्धिकरण पर जोर दिया गया। साथी ही, स्पेलिंग को भी मानकीकृत किया गया। यही वजह है कि इस काल को द्विवेदी युग भी कहा जाता है। द्विवेदी द्वारा लेखकों की भाषा सुधारी गई, जिससे खड़ी बोली अधिक साफ हुई।
1983 में हिंदी स्पेलिंग का मानकीकरण
1967 में हिंदी की मानक स्पेलिंग के विस्तार के बाद 1983 में केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा देवनागरी लिपि और हिंदी मानकीकरण का रिवाइज्ड एडिशन पब्लिश किया गया। इसमें हिंदी के नियम व वैज्ञानिक और व्यावहारिक रूप बताया गया।
1949 में बनी राजभाषा
संविधान सभा ने 14 सितंबर, 1949 को देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा को देश की राजभाषा का दर्जा दिया। अब इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। हालांकि, हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत 14 सितंबर, 1953 को हुई थी।
हिंदी स्पेलिंग के लिए बनी संस्था
हिंदी को बढ़ाने की दिशा में एक कदम ओर बढ़ाते हुए साल 1960 में शिक्षा मंत्रालय के तहत केंद्रीय हिंदी निदेशालय बनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा का मानकीकरण और स्पेलिंग को एक समान करना था। निदेशालय द्वारा हिंदी के अलग-अलग रूपों को खत्म कर मानक हिंदी स्पेलिंग को लेकर नियम बनाए।
डिजिटल युग में अपडेट हुई हिंदी
डिजिटल युग के विकास के साथ डिजिटल लेखनी के लिए हिंदी को अपडेट किया गया। इसमें यूनिकोड, डिजिटल फॉन्ट, वॉइस टाइपिंग और मशीन अनुवाद को बेहतर बनाने के लिए स्पेलिंग को अपडेट किया गया। इससे अब मोबाइल में भी हिंदी लिखना आसान हो गया है।
