महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार अब इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बताया कि नागपुर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में UCC विधेयक पेश किया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले कानून का मसौदा तैयार करने वाली समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
समिति की रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी सरकार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने UCC तैयार करने के लिए पहले ही एक समिति गठित कर दी है। समिति फिलहाल कानून के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है।
फडणवीस ने कहा, 'महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता तैयार करने के लिए पहले ही एक समिति का गठन कर लिया है। समिति काम कर रही है और मुझे विश्वास है कि रिपोर्ट आने के बाद हम इसे जल्द ही लागू कर देंगे।'
कब बनी थी सात सदस्यीय समिति
महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में UCC का मसौदा तैयार करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं।
समिति में कौन-कौन सदस्य हैं शामिल?
न्यायमूर्ति रंजना देसाई: अध्यक्ष
आरसी चव्हाण: पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीश
एसजी मेहरे: पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीश
डीके जैन: पूर्व मुख्य सचिव
वीरेंद्र सराफ: पूर्व महाधिवक्ता
रमेश पतांगे: संवैधानिक विशेषज्ञ
सुवर्णा रावल: शिक्षाविद
समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही महाराष्ट्र में UCC के अंतिम प्रावधानों और लागू करने की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट होगी।
अमित शाह ने भी 2029 से पहले UCC लागू करने की बात कही
महाराष्ट्र में UCC को लेकर चल रही तैयारियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बड़ा बयान दिया है। रविवार, 13 सितंबर को मुंबई में उन्होंने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी 21 बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का लक्ष्य है।
किन राज्यों में UCC से जुड़े कानून हो चुके हैं पारित?
देश में UCC को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC से संबंधित कानून पारित किए जा चुके हैं।
हालांकि, इन सभी राज्यों में कानून लागू होने की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है।
UCC में किन मामलों को शामिल किया जा सकता है?
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े कुछ मामलों में समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है।
हालांकि, महाराष्ट्र में UCC के वास्तविक नियम समिति की रिपोर्ट और प्रस्तावित विधेयक सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। महाराष्ट्र सरकार के सामने फिलहाल समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उसके आधार पर विधेयक तैयार कर सकती है।
