भारत का सबसे पॉवरफुल रेलवे इंजन, जिसे कहा जाता है रेलवे का ‘किंग’

भारतीय रेलवे में आपने अलग-अलग रेलवे इंजनों को देखने के साथ उनके बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि रेलवे में एक इंजन ऐसा भी है, जिसे सबसे शक्तिशाली रेलवे इंजन के तौर पर जाना जाता है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे। 

Oct 3, 2026, 12:52 IST
भारतीय रेलवे
भारतीय रेलवे

भारतीय रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें, तो रेलवे में 17,700 से अधिक रेलवे लोकोमोटिव इंजन हैं। इनमें 13,500 से अधिक इलेक्ट्रिक इंजन, 4100 से अधिक डीजन इंजन और 16 भाप इंजन हैं। आपने बहुत-से बड़े रेलवे इंजन को देखने के साथ-साथ उनके बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे का सबसे शक्तिशाली इंजन कौन-सा है, जिसे रेलवे का ‘किंग’ भी कहा जाता है, यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।  

भारत का सबसे शक्तिशाली रेलवे इंजन

भारतीय रेलवे का सबसे शक्तिशाली रेलवे इंजन WAG-12B है। यह रेलवे का सबसे पॉवरफुल इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मालगाड़ी का इंजन है, जो कि भारत में रेल परिवहन, विशेषकर माल ढुलाई की गति और क्षमता बढ़ाने के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

कितने हॉर्सपॉवर का है इंजन और किसने बनाया है

वैग-12बी रेलवे इंजन कुल 12000 हॉर्सपॉवर का है। यह वैग-9 इंजन से दोगुना ताकतवर है। इस इंजन को फ्रांस की कंपनी ALSTOM और भारतीय रेलवे के संयुक्त उद्यम MELPL द्वारा बनाया गया है।

कितनी है इंजन की रफ्तार और क्षमता 

भारतीय रेलवे का यह इंजन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ सकता है। यह इंजन इतना पॉवरफुल है कि 6000 टन से अधिक मालगाड़ी को भी आसानी से खींच सकता है। इस इंजन का खुद का वजन 200 टन तक होता है।

सिंगल इंजन नहीं है WAG-12B

WAG-12B एक सिंगल इंजन नहीं है, बल्कि स्थायी तौर पर आपस में जुड़े हुए दो सेक्शन A और B यूनिट का लोकोमोटिव है। इसमें दोनों सिरों पर Driver Cab हैं और दोनों सेक्शन के बीच एक रास्ता यानि Gangway बना होता है, जिससे लोको पायलट अंदर ही अंदर एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकते हैं।

Dedicated Freight Corridors के लिए समर्पित

इस इंजन को खास तौर पर ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर भारी मालगाड़ियों जैसेः कोयला, स्टील और डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें को तेज गति से चलाने के लिए तैयार किया गया है। इससे पैसेंजर ट्रैक से मालगाड़ियों का बोझ कम हुआ है।

इंजन में हैं खास तकनीकें

जब यह इंजन ब्रेक लगाता है, तो यह एनर्जी बेकार करने के बजाय खुद बिजली बनाकर वापस ओवरहेड वायर (OHE) में भेज देता है, जिससे एनर्जी की बड़ी बचत होती है। वहीं, इंजन की लोकेशन, परफॉर्मेंस और हेल्थ को रियल-टाइम में जीपीएस ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर द्वारा मॉनिटर किया जाता है। साथ ही यह लोकोमोटिव ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (Kavach) से लैस है, जो हादसों और रेड सिग्नल ओवरशूट को रोकता है।

क्या है नाम का मतलब

रेलवे इंजन WAG-12B  के नाम का मतलब है, जो कि इस प्रकार हैः

-W (Wide Gauge): यह ब्रॉड गेज 1676 mm पटरियों पर चलता है।

-A (AC Current): यह 25 kV एसी (Alternating Current) ओवरहेड बिजली से चलता है।

-G (Goods): यह केवल मालगाड़ियों के लिए उपयोग किया जाने वाला लोकोमोटिव है।

-12B: 12,000 HP क्षमता वाली सीरीज का अपडेटेड मॉडिफाइड वैरिएंट

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Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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