पीएम मोदी का गुजरात से 7, लोक कल्याण मार्ग तक का पूरा सफर, यहां पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गुजरात की राजनीति से राजनीतिक करियर शुरू हुआ था। इस लेख में हम उनके पूरे राजनीतिक सफर के बारे में जानेंगे। 

Sep 14, 2026, 18:39 IST
पीएम मोदी
पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिवस मनाएंगे। इस वर्ष मोदी राजनीति में अपनी सेवा के 25 वर्ष भी पूरे कर रहे हैं। इस दौरान देशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प का आयोजन किया जा रहा है।

पीएम मोदी का भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर भारतीय राजनीति के सबसे महत्त्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक है। यह यात्रा एक संगठनकर्ता से शुरू होकर एक राज्य के मुख्यमंत्री और फिर देश के नेतृत्व तक पहुंचने की कहानी है। इस लेख में हम मोदी के इस पूरे सफर के बारे में जानेंगे।

राजनीति में कैसे हुआ प्रवेश

1980 के दशक तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में एक प्रचारक के रूप में कार्य करने के बाद 1987 में नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गुजरात संगठन में शामिल किया गया। साल 1990 की 'राम रथ यात्रा' और 1991-92 की 'एकता यात्रा' के आयोजन में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।

उनकी संगठनात्मक क्षमता के कारण 1995 के गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 121 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में अपने दम पर सरकार बनाई थी। ऐसे में 1995 में उन्हें दिल्ली बुलाकर राष्ट्रीय सचिव और 1998 में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बनाया गया।

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कब बने गुजरात के मुख्यमंत्री

7 अक्टूबर 2001 को केशुभाई पटेल के इस्तीफे के बाद और कच्छ भूकंप के समय में उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद फरवरी 2002 में राजकोट-II सीट से उपचुनाव जीतकर वे पहली बार विधायक बने। हालांकि, 2002 के गोधरा कांड और दंगों के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर चुनाव कराए। इस चुनाव में बीजेपी ने 182 में से 127 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया और वह दूसरी बार सीएम बने।

2007 और 2012 में लगातार जीत

मोदी ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को लगातार जीत दिलाई और वह गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने।

2013 में बने पीएम पद के उम्मीदवार

गुजरात में लगातार सफल रहने के बाद सितंबर 2013 में बीजेपी ने उन्हें 2014 के आम चुनावों के लिए पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने देशभर में 400 से अधिक चुनावी रैलियां कीं। "सबका साथ, सबका विकास" और "अच्छे दिन आने वाले हैं" के नारों के साथ उन्होंने विकास और मजबूत नेतृत्व को मुख्य मुद्दा बनाया।

भारत के प्रधानमंत्री बनने का सफर 

2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने अकेले 282 सीटें जीतीं और NDA के खेमे में 336 सीटें आईं। 1984 के बाद यह पहली बार था, जब किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

2019 और 2024 में दोबारा हासिल की जीत

इसके बाद 2019 के आम चुनावों में बीजेपी ने 303 सीटें जीतकर और अधिक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन की जीत के साथ उन्होंने लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

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