भारत के किस शहर को कहा जाता है ‘City of Prime Ministers’, जानें
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहां का लोकतंत्र सबसे बड़ा है। यहां लोकतंत्र से मतलब है लोगों का तंत्र यानि जहां लोग अपनी मर्जी की सरकार चुन सकते हैं। केंद्र सरकार में सभी मंत्रियों का मुखिया प्रधानमंत्री होता है, जिसके लिए भारतीय संविधान में अनुच्छेद 75 है। हालांकि, क्या आपको पता है कि भारत के एक शहर ऐसा भी है, जिसे प्रधानमंत्रियों का शहर कहा जाता है। इस लेख के माध्यम से हम भारत के इस शहर के बारे में जानेंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश यानि भारत, जहां का लोकतंत्र सबसे बड़ा है। यहां लोगों को अपनी मर्जी से अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार है।
केंद्र में सरकार चलाने की जिम्मेदारी केंद्रियों मंत्रियों के पास होती है, जिनका मुखिया प्रधानमंत्री होता है। भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर अनुच्छेद 75 में उल्लेख भी किया गया है कि भारत में प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
हालांकि, क्या आपको पता है कि भारत में एक शहर ऐसा भी है, जिसे प्रधानमंत्रियों का शहर कहा जाता है। क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए पूरे लेख पढ़ें।
किस शहर को कहा जाता है City of Prime Ministers
भारत में अलग-अलग शहरों की अपनी पहचान है। हालांकि, भारत का एक खास शहर ऐसा भी है, जिसे प्रधानमंत्रियों का शहर भी कहा जाता है।
भारत का यह शहर प्रयागराज है, जिसे हम संगम नगरी के रूप में भी जानते हैं। क्योंकि, यहां पर तीन नदियां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है।
हालांकि, यहां पर सरस्वती नदी लुप्त नदी है।

क्यों कहा जाता है प्रधानमंत्रियों का शहर
देश में 1947 के बाद से अब तक कुल 15 प्रधानमंत्री रहे हैं, जिसमें नरेंद्र मोदी भारत के 15वें प्रधानमंत्री हैं।
ऐसे में आपको बता दें कि इन 15 प्रधानमंत्रियों में से कुल 7 प्रधानमंत्रियों का रिश्ता प्रयागराज से जुड़ा हुआ है।
यही वजह है कि इस शहर को प्रधानमंत्रियों का शहर कहा जाता है।
कौन-से हैं 7 प्रधानमंत्री
पंडित जवाहरलाल नेहरू
पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म प्रयागराज में 1889 में हुआ था। वह साल 1919 में होम रूल लीग के सचिव बने थे। वहीं, प्रयागराज की फूलपूर सीट से वह तीन बार सांसद भी रहे हैं।
लाल बहादुर शास्त्री
लाल बहादुर शास्त्री भारत के सबसे मशहूर प्रधानमंत्रियों में से एक है, जो कि अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने 1957 और 1962 में दो बार प्रयागराज से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके साथ ही शास्त्री ने प्रयागराज के करछना जगह से ही जय जवान-जय किसान नारा दिया था, जो कि देशभर में मशहूर हो गया था।
इंदिरा गांधी
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जिन्हें भारत में प्रमुख प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री के रूप में गिना जाता है।
इंदिरा गांधी का जन्म प्रयागराज में ही हुआ था। इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी की शादी यहां के आनंद भवन में ही हुई थी।
राजीव गांधी
देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी का जन्म मुंबई में हुआ था, हालांकि उनकी कर्मभूमी प्रयागराज ही रही। राजीव गांधी की ननिहाल प्रयागराज ही था।
गुलजारी लाल नंदा
गुलजारी लाल नंदा भारत के दो बार प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने इलाहबाद विश्वविद्यालय से ही अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की थी। नंदा ने विश्वविद्यालय से मजदूर समस्या को लेकर रिसर्च भी की थी।
विश्वनाथ प्रताप सिंह
विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के 8वें प्रधानमंत्री रहे, जिनका जन्म प्रयागराज में ही हुआ था। वीपी सिंह ने अपनी पढ़ाई प्रयागराज से ही की थी।
इसके साथ ही वह कॉलेज में छात्रसंघ के उपाध्यक्ष भी रहे थे।
चंद्रशेखर राव
चंद्रशेखर राव भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई इलाहबाद विश्वविद्यालय से की थी। चंद्रशेखर राव छात्र जीवन से ही राजनीति को लेकर सक्रिय रहे थे।
यही वजह थी कि वह भारत की राजनीति में शुरू से ही रूचि रखते थे। वह केवल सात महीनों के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे।
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