भारत के किस शहर को कहा जाता है 'Silver City', जानें
भारत में आपने कई शहरों के बारे में सुना और पढ़ा होगा। कुछ शहरों को उनके यहां मिलने वाले खनिज, खान-पान, वेशभूषा, संस्कृति और अनूठी परंपराओं की वजह से पूरे देश में जाना जाता है। वहीं, कुछ शहरों को वैश्विक स्तर पर भी जाना जाता है। भारत के विभिन्न शहरों के बारे में जानने की इस कड़ी में इस लेख के माध्यम से हम भारत के एक नए शहर के बारे में जानेंगे। क्या आपको भारत के ऐसे शहर के बारे में पता है, जिसे Silver City कहा जाता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत यानि विविधताओं का देश, जहां आपको अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ रहते हुए मिलेंगे। यहां के राज्य और उन राज्यों के शहरों की अपनी पहचान है।
कुछ शहरों को उनके यहां मिलने वाले खनिज, खान-पान, वेशभूषा, संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। वहीं, इनमें से कुछ शहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली हुई है।
भारत के विभिन्न शहरों के बारे में जानने की अपनी इस कड़ी में इस लेख के माध्यम से हम भारत के एक नए शहर के बारे में जानेंगे। क्या आपको पता है कि भारत के किस शहर को Silver City के नाम से भी जाना जाता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत के किस शहर को कहा जाता है Silver City
भारत के विभिन्न शहरों की अपनी पहचान है। इस कड़ी में भारत के ओडिसा राज्य के कटक शहर को सिल्वर सिटी के नाम से भी जाना जाता है।
क्यों कहा जाता है Silver City
भारत का यह शहर अपने यहां होने वाले चांदी के काम में ताराकशी के लिए जाना जाता है। दरअसल, यहां चांदी के कलाकार फिलीग्री के लिए जाने जाते हैं, जो कि आभूषणों और चांदी के अन्य काम में उसे आकर्षक लुक देने का काम करते हैं।
यहां इस प्रकार का काम करने वाले कलाकारों की संख्या 2,000 से अधिक है, जिन्होंने अपने पूर्वजों से यह कला सीखी है।

क्या होता है फिलीग्री का काम
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर फिलीग्री का काम क्या होता है, तो आपको बता दें कि यह बहुत बारीक काम होता है, जिसे धातु में अटैच किया जाता है।
यह मुड़े हुए धागे या मोती या फिर दोनों को एक साथ मिलाकर धातु की सतह पर लगाया जाता है। आपको बता दें कि यह पुर्तगाली, फ्रेंच और इतालवी में काफी लोकप्रिय रहा है।
इसलिए भी मशहूर है कटक
कटक ताराकशी के अलावा बारबाटी किले के लिए भी मशहूर है। यह किला महानदी के किनारे पर बसा हुआ है, जो कि अपने खूबसूरत दरवाजों के लिए जाना जाता है।
इस नौ मंजिला महल का निर्माण 14वीं शताब्दी में गंग वंश ने करवाया था। इसके अलावा यहां पर परमहंसनाथ मंदिर है, जो कि शिव का मंदिर है।
वहीं, यहां पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मस्थान को भी देखा जा सकता है, जहां पर एक संग्रहालय बना हुआ है, जो कि सुभाष चंद्र बोस के जीवन को दर्शाता है।
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