भारत के किस शहर को कहा जाता है Wine Capital of India
भारत में आपने अलग-अलग शहरों के बारे में सुना होगा। किसी शहर को खाने-पीने के लिए, तो किसी शहर को अच्छा जीवन जीने के लिए जाना जाता है। वहीं, किसी शहर को घूमने के लिए बेहतर माना जाता है। इन्हीं सब कारणों से ये शहर वैश्विक स्तर पर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। हालांकि, क्या आपको भारत के ऐसे शहर के बारे में पता है, जिसे शराब के लिए जाना जाता है। खास बात यह है कि यहां की शराब को लेकर इस शहर को Wine Capital of India भी कहा जाता है। इस लेख के माध्यम से हम इस शहर के बारे में जानेंगे।
भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। देश के हर राज्य की अपनी अलग बात है। वहीं, राज्यों में बसे शहरों की और भी खास बात है, जो अपनी विशेषताओं की वजह से भारत की वैश्विक स्तर पर पहचान बनाते हैं।
भारत के किसी शहर को खान-पान के लिए जाना जाता है, तो किसी शहर को बेहतर जीवन जीने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा कुछ शहरों को प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को लेकर जाना जाता है। हालांकि, क्या आपको पता है कि भारत के एक शहर को शराब के लिए भी जाना जाता है।
यह शहर अपनी यहां की शराब को लेकर विश्व प्रसिद्ध है। इस लेख के माध्यम से हम भारत के इस शहर के बारे में जानेंगे।
किस शहर को कहा जाता है Wine Capital of India
भारत के महाराष्ट्र राज्य के नासिक शहर को Wine Capital of India यानि भारत की शराब की राजधानी भी कहा जाता है। भारत का यह शहर अपने नाम से ज्यादा इस नाम से भी अधिक मशहूर है।
यही वजह है कि इसके नाम को लेकर लोग इस शहर की तरफ आकर्षित होते हैं।
क्यों कही जाती है शराब की राजधानी
भारत में सबसे अधिक शराब का उत्पादन नासिक शहर में ही किया जाता है। इस शहर में 52 शराब के प्लांट हैं। यहां करीब 8,000 एकड़ में Wine Grapes की खेती की जाती है, जबकि अन्य अंगूर की बागवानी का कुल क्षेत्र 18,000 एकड़ है। इस वजह से यहां शराब बनाने के लिए अधिक मात्रा में अंगूर मिल जाते हैं।

जलवायु और भूगौलिक स्थिति भी बनाती है जिम्मेदार
दरअसल, यहां की मिट्टी में रेड लैटराइट पाया जाता है। साथ ही यहां का ड्रेनेज सिस्टम भी बेहतर है। वहीं, अंगूरों की खेती के लिए जितनी मात्रा में पानी की आवश्यता होती है, वह यहां आसानी से मिल जाता है।
यही वजह है कि यहां पर अंगूरों का अधिक उत्पादन होता है, जिन्हें शराब उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां हर साल 20 टन अंगूरों का उत्पादन किया जाता है।
उत्पादन क्षेत्र में आती है तेज दुर्गंध
नासिक के सुला घाटी में शराब का उत्पादन किया जाता है, जो कि यहां आने वाले पर्यटकों को अधिक आकर्षित करता है। हालांकि, यहां पहुंचने पर बहुत तेज दुर्गंध आती है।
ऐसे में यहां पहुंचने वाले पर्यटन अपने साथ मास्क लेकर जाते हैं। क्योंकि, कई बार तेज दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी भी होती है।
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