भारत के किस शहर को बोला जाता है City of Blood, जानें
भारत के अलग-अलग शहरों को अलग-अलग नाम से जाना जाता है। कुछ नामों की वजह से भारतीय शहर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाते हैं। हालांकि, क्या आपको भारत के ऐसे शहर के बारे में पता है, जिसे City of Blood यानि ‘खून का शहर’ कहा जाता है। इसके साथ ही आखिर क्यों इस शहर को इस नाम से जाना जाता है। यदि आपको इस बारे में नहीं पता है, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण, सभी दिशाओंं में अलग-अलग शहर अपनी अलग-अलग विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं। इन शहरों को यहां की संस्कृति और परंपराओं की वजह से विश्व में अलग-अलग नाम से भी पहचाना जाता है, जिससे पर्यटक शहरों की तरफ और भी आकर्षित होते हैं।
उदाहरण के तौर पर, फ्लाईओवर का शहर, पान का शहर, बिल्डिंग का शहर, झीलों का शहर, गुलाबी नगरी, नीली नगरी व रजवाड़ों का शहर आदि। हालांकि, क्या आपको भारत के ऐसे शहर के बारे में पता है, जिसे City of Blood यानि ‘खून का शहर’ के नाम से जाना जाता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस शहर के बारे में जानेंगे।
किस शहर को कहा जाता है City of Blood
भारत के पूर्वोत्तर में स्थित असम राज्य के तेजपुर शहर को City of Blood यानि खून का शहर कहा जाता है। आपको बता दें कि यह नाम इसे हाल-फिलहाल में नहीं मिला है, बल्कि सदियों से यह शहर इस नाम से ही जाना जाता है।

ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा हुआ है यह शहर
तेजपुर शहर असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा हुआ शहर है, जो कि अपनी खूबसूरत और पर्यटन स्थल के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि हर साल यहां लाखों सैलानी पहुंचते हैं।
तेजपुर को क्यों कहा जाता है City of Blood
इस शहर को खून का शहर बोलने के पीछे पौराणिक कथाओं की मान्यता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में बानासुर नाम के राजा की पुत्री उषा थी, जिनकी एक सहेली चित्रलेखा हुआ करती थी।
चित्रलेखा पेटिंग किया करती थीं। मान्यताओं के मुताबिक, एक बार उषा के सपने में एक युवराज दिखा, जिसे उषा ने अपनी सहेली को बताया। यह सुनने के बाद चित्रलेखा ने उस तस्वीर को पेंटिंग पर उतारना शुरू कर दिया।
हालांकि, जब पेंटिंग बनकर तैयार हुई, तो चित्रलेखा ने उस चेहरे को पहचान लिया और कहा कि वह चेहरा भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध का है। कथाओं के अनुसार, उषा अनिरूद्ध से प्रेम करने लगी।
यह बात जब बानासुर को पता लगी, तो उसने अनिरुद्ध को कैद कर लिया। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि अनिरुद्ध को बचाने के लिए जब भगवान श्रीकृष्ण आए, तो युद्ध में यह जगह खून से भर से गई थी। ऐसे में कथाओं में इस शहर को खून का शहर कहा जाने लगा।
तेजपुर में क्या है खास
तेजपुर पहुंचने पर आपको कई पर्यटन स्थल और मंदिर मिलेंगे। इनमें से एक मंदिर महाभैरव मंदिर है, जहां माना जाता है कि मंदिर में मौजूद शिवलिंग की स्थापना बानासुर ने की थी।
वहीं, यहां पर अग्निगढ़ पहाड़ी भी है, जो कि यहां पर्यटन का मुख्य स्थल है। इसके अलावा यहां पर अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कोल पार्क भी है।
पढ़ेंः भारत के किस शहर को बोला जाता है City of Flyovers, जानें
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.