Asian Games: यूपी की डीएसपी पारुल चौधरी ने भारत का बढ़ाया मान, ब्रॉन्ज मेडल जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड; सीएम योगी ने दी बधाई

नागोया एशियन गेम्स 2026 में मेरठ की बेटी और यूपी पुलिस की DSP पारुल चौधरी ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9:08.67 का समय निकालकर अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए Bronze Medal जीता; उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर CM योगी आदित्यनाथ ने 'X' पर बधाई भी दी।

Sep 28, 2026, 17:39 IST

Parul Chaudhary Asian Games 2026: जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) से भारत और उत्तर प्रदेश के लिए बेहद गर्व की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पोस्ट पर तैनात स्टार महिला एथलीट पारुल चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर भारतीय तिरंगा लहराया है। पारुल ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में जबरदस्त दौड़ लगाते हुए Bronze Medal को अपने नाम कर लिया है। 

इस ऐतिहासिक रेस में पारुल ने न केवल पोडियम पर अपनी जगह बनाई, बल्कि साल 2025 में बनाए गए अपने ही National Record को लगभग चार सेकंड के बड़े अंतर से इस बार जीत हासिल करके दिखाया है। पारुल अब भारत की ऐसी पहली महिला एथलीट बन गई हैं, जिन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस को 9 मिनट 10 सेकंड से भी कम समय में पूरा किया है। 

एशियन गेम्स 2026: पारुल चौधरी की ऐतिहासिक उपलब्धि क्या हैं? 

छात्र Bronze Medal हासिल करने वाली मेरठ की महिला पारुल चौधरी के ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में जानने के लिए यहां देखें। 

इवेंट 
डिटेल्स 
एथलीट का नाम 
पारुल चौधरी 
मूल निवास 
इकलौता गांव, मेरठ (उत्तर प्रदेश)
वर्तमान पोस्ट और तैनाती
पुलिस उपाधीक्षक (DSP), यूपी पुलिस (वर्तमान में मुरादाबाद में तैनात)
स्पॉर्ट इवेंट 
महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज (3000m Steeplechase)
प्रतियोगिता और स्थल 
एशियन गेम्स 2026, नागोया (जापान)
प्राप्त पदक (Medal Won)
ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medal)
नया नेशनल रिकॉर्ड 
9:08.67 (9 मिनट 08.67 सेकंड)
पुराना नेशनल रिकॉर्ड 
9:12.46 (साल 2025 में बनाया गया था)
कीर्तिमान (Historic Milestone)
9:10 मिनट से कम समय निकालने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट

CM योगी आदित्यनाथ ने 'X' पर दी बधाई: 

9:08.67 का समय निकालकर तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड: नागोया में वर्ल्ड क्लास रनर्स के बीच रोमांचक मुकाबला

जापान के नागोया ट्रैक पर हुई यह 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस शुरुआत से ही बेहद रोमांचक और प्रतिस्पर्धी रही। विश्व लेवल के टॉप एथलीटों के बीच पारुल चौधरी ने अपनी गति, सहनशक्ति और रणनीतिक दौड़ का परिचय दिया।

  • नया कीर्तिमान: पारुल ने 9 मिनट 08 सेकंड और 67 माइक्रो सेकंड (9:08.67) का समय निकालकर रेस में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल जीता।
  • अपना ही रिकॉर्ड ध्वस्त: इससे पहले साल 2025 में पारुल ने 9:12.46 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। नागोया में उन्होंने अपने इस टाइमिंग में करीब 4 सेकंड का सुधार करते हुए अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
  • लगातार दूसरा एशियन गेम्स मेडल: पारुल चौधरी के करियर का एशियन गेम्स में यह लगातार दूसरा पदक है, जो उनकी निरंतरता और उच्च स्तरीय फॉर्म को साबित करता है।

3000 मीटर स्टीपलचेज रेस का फाइनल रिजल्ट :

  1. गोल्ड मेडल: बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
  2. सिलवर मेडल: कजाकिस्तान की नोराह जेरुतो ने 9:06.82 के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
  3. ब्रॉन्ज मेडल: भारत की पारुल चौधरी ने 9:08.67 के नए नेशनल रिकॉर्ड समय के साथ कांस्य पदक जीता।
  4. चौथा स्थान: भारत की ही युवा धावक अंकिता ने 9:19.24 के अपने पर्सनल बेस्ट (Personal Best) समय के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया।

गांव की पगडंडियों पर नंगे पैर दौड़ने से शुरू हुआ DSP पारुल का संघर्ष का सफर

पारुल चौधरी की यह सफलता केवल एक रिकॉर्ड की कहानी नहीं है, बल्कि यह बेहद अभावों और विपरीत परिस्थितियों से निकलकर विश्व पटल पर छा जाने की एक प्रेरणादायक दास्तान है।

1. किसान परिवार और नंगे पैर दौड़ने की शुरुआत

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के पास स्थित इकलौता गांव की रहने वाली पारुल एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता कृष्णपाल चौधरी और माता राजेश देवी ने कई परिस्थितियों में भी बेटियों के सपनों को सहारा दिया। पारुल ने साल 2011 में स्कूली लेवल पर 800 मीटर दौड़ से एथलेटिक्स करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उनके पास ट्रैक पर पहनने के लिए प्रोफेशनल स्पोर्ट्स जूते तक नहीं हुआ करते थे, जिसके कारण वे गांव की पगडंडियों और ग्राउंड पर बिना जूतों के नंगे पैर ही प्रैक्टिस किया करती थीं।

2. अलग-अलग स्पर्धाओं में बनाई पहचान

पारुल का नंगे पैर दौड़ने से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे 1500 मीटर, 3000 मीटर, 5000 मीटर और स्टीपलचेज तक पहुंचा। पारुल ने इसे नेशनल स्तर पर लगातार मेडल हालिस करके भारतीय रेलवे में नौकरी हासिल की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

3. खेल कोटे से बनीं UP Police में DSP

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेवल पर भारत का परचम लहराने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल नीति के तहत पारुल चौधरी को 27 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पोस्ट पर नियुक्त किया। वर्तमान में वे मुरादाबाद जिले में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

क्वश्न: पारुल चौधरी किस खेल और स्पर्धा से संबंधित हैं?

आंसर: एथलेटिक्स मुख्य रूप से 3000m स्टीपलचेज और 5000m दौड़)।

क्वश्न: एशियन गेम्स 2026 में पारुल चौधरी ने कौन सा मेडल और किस समय के साथ जीता?

आंसर: पारुल ने Bronze Medal) 9 मिनट 08.67 सेकंड यानी 9:08.67 के समय के साथ हासिल किया।

क्वश्न: पारुल चौधरी उत्तर प्रदेश के किस जिले और गांव की मूल निवासी हैं?

आंसर: जिला मेरठ, गांव इकलौता।

क्वश्न: भारत में महिलाओं की 3000m स्टीपलचेज स्पर्धा में 9:10 मिनट से कम समय निकालने वाली पहली एथलीट कौन हैं?

आंसर: पारुल चौधरी (9:08.67 - नागोया एशियन गेम्स 2026)।

यहां भी पढ़े: यूपी जनगणना-2027: 16 नवंबर से शुरू होगी डिजिटल स्वगणना, पूछे जाएंगे 40 सवाल, जानें पूरी प्रक्रिया

Akshara Verma

Executive - Editorial

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Just Now

Result Updates