उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराएं के लिए जाने जाते हैं। इनमें एक जिला ऐसा भी है, जहां सबसे पहले सूरज की किरणें पड़ती हैं। यह जिला उत्तर प्रदेश के सबसे पूर्वी जिले के तौर पर भी जाना जाता है। कौन-सा है यह जिला और क्या है सबसे पहले सूरज निकलने का कारण, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
किस जिले में सबसे पहले निकलता है सूरज
उत्तर प्रदेश में सबसे पहले सूर्योदय बलिया जिले में होता है। हालांकि, भौगोलिक स्थिति के भ्रम के कारण लोग सोनभद्र को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन यदि Longitude के आधार पर देखा जाए, तो बलिया उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला है।
सबसे पहले सूर्योदय बलिया में क्यों होता है?
अब हम यह जान लेते हैं कि उत्तर प्रदेश में बलिया में ही सबसे पहले सूरज क्यों निकलता है? यह बात हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इसी कारण पूर्व दिशा में स्थित स्थानों पर सूर्य सबसे पहले दिखाई देता है। बलिया जिला उत्तर प्रदेश के सबसे पूर्वी छोर पर स्थित है। इसका देशांतरीय विस्तार लगभग 84 डिग्री 38 मिनटतक जाता है।
ऐसे में उत्तर प्रदेश के बाकी सभी जिलों की सीमाएं बलिया के मुकाबले पश्चिम में रह जाती हैं। इसलिए, सूरज की पहली किरण उत्तर प्रदेश की धरती पर सबसे पहले बलिया में ही पड़ती है।
सोनभद्र को लेकर क्यों होता है भ्रम
कई लोग उत्तर प्रदेश का नक्शा देखकर सोनभद्र को सबसे पूर्वी जिला मान लेते हैं, जो कि गलत है। सोनभद्र उत्तर प्रदेश का सबसे दक्षिणी जिलाहै। यह 4 राज्यों यानि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार की सीमाओं को छूता है। वहीं, बलिया बिहार की सीमा से सटा हुआ उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिलाहै। नक्शे में बलिया एक नुकीले आकार में पूर्व की ओर निकला हुआ है, जो इसे राज्य का सबसे पूर्वी बिंदु बनाता है।
बलिया और शामली के समय में अंतर
उत्तर प्रदेश का सबसे पश्चिमी जिला शामली है। ऐसे में सबसे पूर्वी जिले बलिया और शामली के बीच लगभग 7 डिग्रीदेशांतर का अंतर है। पृथ्वी को 1 डिग्री देशांतर पार करने में 4 मिनट का समय लगता है। ऐसे में दोनों जिलों के बीच समय में 28 मिनट का अंतर आ जाता है। बलिया में शामली की तुलना में लगभग 24 से 28 मिनट पहले सूर्योदय और सूर्यास्त होता है।
