भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां की संस्कृति, समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत इसे अन्य देशों से अलग बनाते हैं। यही नहीं, भारत में कई राज्य भी ऐसे हैं, जो कि अपनी विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में देश का इकलौता राज्य ऐसा भी है, जो कि बांग्लादेश और म्यांमार के साथ अपनी सीमा साझा करता है। इस लेख में हम इस राज्य के बारे में विस्तार से जानेंगे।
बांग्लादेश और म्यांमार से सीमा साझा करने वाला राज्य
बांग्लादेश और म्यांमार से सीमा साझा करने वाला इकलौता राज्य मिजोरम है। यह इन दोनों पड़ोसी देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
मिजोरम की अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई
मिजोरम की कुल अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई की बात करें, तो यह कुल 828 किलोमीटर है। यह एक तरफ दो देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है, तो दूसरी तरफ यह भारत के तीन राज्यों से घिरा हुआ है।
म्यांमार और बांग्लादेश से लगनी वाली सीमाएं
मिजोरम राज्य म्यांमार के साथ कुल 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। मिजोरम का पूरा पूर्वी और दक्षिणी हिस्सा म्यांमार के चिन राज्यसे लगता है। यह सीमा पहाड़ी और जंगली इलाकों में है, जहां तिआउ नदी बहती है। वहीं, बांग्लादेश के साथ मिजोरम कुल 318 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। यहां कर्णफुली नदी और इसकी सहायक नदियां बॉर्डर एरिया में पानी का रास्ता बनाती हैं।
भारत में इन राज्यों से लगती है सीमा
मिजोरम उत्तर में भारत के तीन पूर्वोत्तर राज्यों के साथ अपनी सीमा साझा करता है:
असम- उत्तर में लगभग 164.6 किमी
मणिपुर- उत्तर-पूर्व में लगभग 95 किमी
त्रिपुरा- उत्तर-पश्चिम में लगभग 66 किमी
फ्री आने-जाने की व्यवस्था
ऐतिहासिक रूप से देखें, तो भारत-म्यांमार सीमा पर FMR लागू रहा है। इसके तहत सीमा के दोनों ओर 16 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग बिना वीजा या पासपोर्ट के एक-दूसरे के यहां आ-जा सकते थे। आपको बता दें कि दो देशों की सीमा पर स्थित होने के कारण मिजोरम भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण 'रणनीतिक पुल' का काम करता है।
इसके साथ ही मिजोरम भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN देशों) से जोड़ने वाला प्रमुख स्थल मार्ग भी है। म्यांमार के रास्ते थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया तक व्यापार बढ़ाने के लिए मिजोरम की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।
