भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक कई नदियों का प्रवाह होता है। इस कड़ी में यहां कई ऐसे नदियां हैं, जिनमें हर साल बाढ़ आती हैं। बाढ़ की वजह से जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है। हालांकि, इनमें एक नदी ऐसी भी है, जिसमें सबसे अधिक बाढ़ आती है। कौन-सी है यह नदी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस नदी में सबसे अधिक आती है बाढ़
जल शक्ति मंत्रालय और केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सबसे अधिक बाढ़ लाने वाली प्रमुख नदी ब्रह्मपुत्रहै। इसके साथ ही, कोसी नदी को सबसे अधिक और सालाना तौर पर तबाही मचाने वाली नदी माना जाता है।
ब्रह्मपुत्र में मिलती हैं 50 से अधिक सहायक नदियां
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, ब्रह्मपुत्र और इसकी 50 से अधिक सहायक नदियां भारत के कुल जल प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा लाती हैं। ऐसे में यह नदी हिमालय से भारी मात्रा में गाद लाकर मैदानों में जमा करती है, जिससे इसका तल उथला हो जाता है। मानसून में जब भी नदियों में पानी की मात्रा बढ़ती है, तो असम का करीब 40 फीसदी हिस्सा बाढ़ से प्रभावित होता है। यह भारत में राष्ट्रीय औसत से करीब 4 गुना अधिक है।
कोसी नदी को कहते हैं बिहार का शोक
यह फैक्ट आपने किताबों में पढ़ा ही होगा कि कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के अनुसार, कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
आपको बता दें कि यह नदी दुनिया की उन नदियों में से एक है, जो सबसे तेजी से अपना मार्ग बदलती हैं। ज्यादा गाद जमा होने के कारण यह अचानक अपना रास्ता बदलकर बड़े पैमाने पर बस्तियों और खेती वाली भूमि के डूबने का कारण बनती है। बिहार का लगभग 73 फीसदी क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है, जिसमें कोसी का सबसे बड़ा योगदान रहता है।
क्या कहती है सरकारी रिपोर्ट
-भारत का करीब 12 फीसदी एरिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है।
-देश में कुल बाढ़ का करीब 60 फीसदी हिस्सा गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना के बेसिन क्षेत्र से ही आता है।
