भारत के किस शहर को कहा जाता है किस्मत का शहर, जानें
आपने भारत के विभिन्न शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। कई शहरों को उनके मूल नाम के बजाय विशेष नामों से पुकारा जाता है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल करते हैं। भारतीय शहरों के बारे में बताने की कड़ी में हम इस लेख के माध्यम से भारत के एक ऐसे शहर के बारे में जानेंगे, जिसे भारत में किस्मत के शहर के रूप में जाना जाता है। कौन-सा है यह शहर और भारत के किस राज्य में है स्थित, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत के विभिन्न शहरों की अपनी-अपनी पहचान है। कुछ शहरों को उनके खान-पान के लिए जाना जाता है, तो कुछ शहरों को वेशभूषों, तो कुछ शहरों को वहां की अनूठी परंपराएं और समृद्ध इतिहास विशेष बनाती हैं।
यही वजह है कि शहरों को उनके मूल नाम के अलावा दूसरे नामों से भी जाना जाता है। भारत के विभिन्न शहरों के बारे में जानने की कड़ी में इस लेख के माध्यम से हम भारत के ऐसे शहर के बारे में जानेंगे, जिसे किस्मत का शहर कहा जाता है। ऐसे में कौन-सा है यह शहर और भारत के किस राज्य में है स्थित, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
किस शहर को कहा जाता है किस्मत का शहर
भारत के अलग-अलग शहरों के अलग-अलग नामों के बीच एक शहर ऐसा भी है, जिसे किस्मत का शहर कहा जाता है। यह शहर आंध्रप्रदेश राज्य में विशाखापटनम शहर है, जो कि भारत के पूर्वी तट पर प्रमुख शहर के रूप में जाना जाता है।

क्या है इस शहर की कहानी
भारत के इस शहर को लेकर अलग-अलग कहानियां हैं। इनमें से कुछ कहानियों की बात करें, तो सबसे पहले आपको बता दें कि भारत के इस शहर को Vizag भी कहा जाता है। पहले इस शहर का नाम Waltair हुआ करता था। साल 1804 में अंग्रेजों ने इस शहर को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया था।
समुद्र के किनारे होने के कारण यह शहर खूबसूरत नजारों के साथ व्यापारिक रूप से भी महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में कई अंग्रेजों ने इसके समुद्र तट किनारे अपनी बंगले बनवाए। वे अक्सर यहां पर आराम करने के लिए भी आया करते थे, जिससे प्राकृतिक सुंदर नजारों के बीच वे आराम से रह सके।
1962 में पहुंची थी इंदिरा गांधी
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी साल 1962 में यहां पर शहर के पहले चिल्ड्रन पार्क के उद्घाटन के लिए आरके बीच पर पहुंची थी।
उस समय वह संसदीय मामले व संचार मंत्री थी। उस समय उनके पिता पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत थे।
1970 में मिला नया नाम
साल 1970 में जब इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई थी, तब वह फिर से यहां पर पहुंची थी और उन्होंने यहां पर विजाग स्टील प्लांट खोला था।
उस समय इस शहर को किस्मत का शहर कहा गया था। ऐसे में इस पंक्ति को प्रिंट मीडिया ने हाथों-हाथ लिया था और इसे प्रकाशित किया था, जिसके बाद से यह शहर किस्मत के शहर के रूप में प्रसिद्ध हो गया।
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