भारत के किस शहर को कहा जाता है ‘City of Light’, जानें
भारत के अलग-अलग शहरों को उनके मूल नाम के अलावा निकनेम से भी जाना जाता है। इन नामों के पीछे वजह है संबंधित शहरों का खास होना, जिस वजह से ये शहर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। भारत के विभिन्न शहरों को जानने की इस सीरिज में इस लेख के माध्यम से हम आपको भारत के एक नए शहर के बारे में बताएंगे। क्या आपको भारत का ऐसे शहर के बारे में पता है, जिसे ‘City of Light’ भी कहा जाता है, यानि हिंदी में इसका अर्थ हुआ रोशनी का शहर। इस लेख के माध्यम से हम भारत के इस शहर के बारे में जानेंगे।
भारत के अलग-अलग शहरों के बारे में आपने पढ़ा होगा। इसमें कुछ शहरों की अपनी ही पहचान है, जिस वजह से वे शहर अपने मूल नाम के बजाय अन्य नामों से जाने जाते हैं। शहरों के अन्य नाम उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में कामयाब भी रहे हैं।
भारत के विभिन्न शहरों के बारे में जानने की अपनी इस सीरिज में हम इस लेख के माध्यम से भारत के एक नए शहर के बारे में जानेंगे। क्या आपको पता है कि भारत के किस शहर को ‘City of Light’ यानि रोशनी का शहर भी कहा जाता है।
यदि नहीं पता है, तो इस लेख के माध्यम से हम भारत के इस शहर के बारे में जानेंगे कि कौन-सा है यह शहर और भारत के किस राज्य में है स्थित, पढ़ें पूरा लेख।
किस शहर को कहा जाता है ‘City of Light’
भारत के अलग-अलग शहरों की अपनी पहचान है। इन सभी के बीच आप भारत के उत्तर में स्थित राजनीतिक और भूगौलिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य से परिचित होंगे।
आपको बता दें कि इस राज्य के वाराणसी जिले जिसे शिव की नगरी भी कहा जाता है, इसी शहर को भारत में रोशनी का शहर कहा जाता है।

क्यों कहा जाता है रोशनी का शहर
यह बात आप सभी को पता है कि वाराणसी शहर को काशी भी कहा जाता है। कुछ मान्यताओं के मुताबिक, महाभारत जैसे महाकाव्य में काशी शब्द का उल्लेख है।
यह शब्द संस्कृत के शब्द काश से आया है, जिसका अर्थ है चमकने के लिए है। वहीं, इस शब्द का प्रयोग बुद्ध के समय तीर्थयात्रियों द्वारा भी कहा गया है। तभी से इस शब्द को प्रचलन में बताया जाता है।
वहीं, शिव की नगरी के रूप में इस शहर के घाट दीपों से रोशन रहते हैं। ऐसे में इस शहर को दीपों का शहर भी कहा जाता है।
क्या है बनारस और वाराणसी नाम की कहानी
वर्तमान में इस शहर को वाराणसी नाम से जाना जाता है। इसके पीछे तर्क है कि यहां गंगा नदी में दो नदियों का संगम होता है। इसके उत्तर में वरूण और दक्षिण में असी नदी गंगा नदी से मिलती है।
ऐसे में इस शहर को वाराणसी कहा जाता है। अब बात कर लेते हैं कि बनारस शब्द की, तो इसे लेकर साक्ष्य नहीं है, लेकिन कुछ थ्योरी के मुताबिक, चूंकि यहां पर शिक्षा, धर्म, ज्ञान, संस्कृति और परंपरााओं का मिश्रण है। ऐसे में इन सब के रस से मिलकर बनारस शब्द की उत्पत्ति कही जाती है।
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