दुनिया के अलग-अलग देशों में नेशनल पार्क मौजूद हैं। मौजूदा समय में दुनियाभर में 6500 से अधिक नेशनल पार्क हैं, जो कि अलग-अलग जीव-जंतुओं का घर हैं। ये नेशनल पार्क सिर्फ जीव-जंतुओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र का भी मजबूत हिस्सा कहलाते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला नेशनल पार्क कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
दुनिया का पहला नेशनल पार्क
दुनिया का पहला आधिकारिक नेशनल पार्कयेलोस्टोन नेशनल पार्क है। इसकी स्थापना 1 मार्च 1872 को हुई थी, जब अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति युलिसिस एस. ग्रांटने 'येलोस्टोन नेशनल पार्क प्रोटेक्शन एक्ट' पर हस्ताक्षर करके इसे कानून का रूप दिया था।
कितना बड़ा है नेशनल पार्क
येलोस्टोन नेशनल पार्क मुख्य रूप से अमरीका के वायोमिंग राज्य में स्थित है, जबकि इसका कुछ छोटा हिस्सा मोंटाना और इडाहो राज्यों तक फैला हुआ है। यह लगभग 8,983 वर्ग किलोमीटर के बड़े एरिया में फैला हुआ है, जो कई छोटे देशों के कुल क्षेत्रफल से भी बड़ा है।
नेशनल पार्क में मौजूद हैं थर्मल एनर्जी
दुनिया के लगभग आधे थर्मल सिस्टम येलोस्टोन में ही मौजूद हैं। इनमें 'ओल्ड फेथफुल' बेहद लोकप्रिय है, जो नियमित समय पर गर्म पानी और भाप के फुहारे छोड़ता है। वहीं, अमरीका का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गर्म पानी का कुंड ग्रैंड प्रिज्मैटिक स्प्रिंग भी यहां है, जो अपने इंद्रधनुषी रंगों के लिए जाना जाता है।
नेशनल पार्क में मिलने वाले वन्यजीव
यहां अमेरिकी बाइसन यानि जंगली भैंसे, ग्रे भेड़िया, ग्रिजली भालू, एल्क और हिरण जैसे दुर्लभ जीव प्राकृतिक आवास में रूप से घूमते हैं।
ऐसा बना था नेशनल पार्क
19वीं शताब्दी में जब अमरीका में औद्योगिक विकास और पश्चिमी इलाकों का विस्तार तेजी से हो रहा था, तब वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं जैसे हेडन एक्सप्लोरेशन टीम ने येलोस्टोन की प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ भू-तापीय हलचलों को दर्ज किया था। उन्होंने अमरीकी सरकार को सुझाव दिया था कि इस प्राकृतिक धरोहर को निजी स्वामित्व, खनन या व्यावसायिक शोषण से बचाने के लिए लोगों की आवाजाही और संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इसी विचार ने आधुनिक 'संरक्षण आंदोलन'की नींव रखी थी।
दुनिया के लिए बना एक नई मिसाल
येलोस्टोन की स्थापना केवल एक पार्क का बनना नहीं था, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम था। पहली बार किसी देश ने जमीन के एक बड़े हिस्से को व्यावसायिक लाभ के लिए विकसित करने के बजाय, उसे आने वाली पीढ़ियों के लिए उसके मूल रूप में संरक्षित करने का निर्णय लिया था। येलोस्टोन की सफलता को देखकर ही बाद में दुनिया के अन्य देशों ने भी अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए नेशनल पार्क की स्थापना शुरू की थी। साल 1978 में UNESCO ने इसे विश्व धरोहर स्थलघोषित किया था।
