भारत में आपने अलग-अलग किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। ये किले अपने समृद्ध इतिहास और अनूठी वास्तुकला के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में यहां एक किला ऐसा भी है, जो कि इतिहास का सबसे लंबे समय में बनने वाला किला है। यह किला राजस्थान में है और इसे देखने के लिए आज भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कौन-सा है यह किला, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
भारत में सबसे लंबे समय में बनने वाला किला
भारत में यदि लगातार निर्माण और विस्तार के हिसाब से देखें, तो सबसे लंबे समय में बनने वाला मशहूर किला मेहरानगढ़ किलाहै, जो कि राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है। इसे पूरा होने में लगभग 500 वर्षों का समय लगा था।
500 वर्षों के लंबे निर्माण का इतिहास
इस किले की नींव जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने 12 मई 1459 को 'चिड़ियाटूक' नाम की पहाड़ी पर रखी थी। राव जोधा ने मुख्य संरचना की शुरुआत की, लेकिन उनके बाद आने वाले जोधपुर के कई शासकों जैसेः राजा जसवंत सिंह, महाराजा अजीत सिंह और महाराजा मान सिंह ने अलग-अलग समय पर इसके महल, दरवाजे, सुरक्षा दीवारें और बुर्ज बनवाए। ऐसे में इसका निर्माण कार्य 20वीं सदी के मध्य में जाकर पूरा हुआ।
मेहरानगढ़ किले से जुड़े प्रमुख तथ्य
-'मेहरानगढ़' संस्कृत शब्द 'मिहिर' यानिसूर्य से बना है, जिसका अर्थ है 'सूर्य का किला'। आपको बता दें कि राठौड़ राजवंश खुद को सूर्यवंशी मानता है।
-किले में प्रवेश करने के लिए 7 बड़े दरवाजे हैं, जिनमें जय पोल और फतेह पोल सबसे प्रसिद्ध हैं।
-किले की दीवारें 120 फीट ऊंची और 70 फीट तक चौड़ी हैं।
-किले के अंदर शीश महल, फूल महल, मोती महल और चोखेलाव महल जैसे शानदार भवन स्थित हैं।
भारत के कुछ अन्य प्रमुख किले
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि स्थापत्य और विभिन्न कालों में हुए पुनर्निर्माण की समय-सीमा को देखें, तो मौर्य वंश से लेकर सिसोदिया वंश तक चित्तौड़गढ़ किले की संरचनाओं का विस्तार भी चलता रहा था।
वहीं, ग्वालियर के किले को लेकर बात करें, तो छठी शताब्दी से लेकर 15वीं-16वीं सदी तक लगातार नए महलों के निर्माण के लिए जाना जाता है। हालांकि, एक ही किला परिसर के लगातार पांच शताब्दियों तक बनते रहने का सबसे प्रसिद्ध प्रमाण मेहरानगढ़ किला के नाम ही दर्ज है।
