भारत का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व कौन-सा है, जानें
भारत के अलग-अलग राज्यों में हमें टाइगर रिजर्व देखने को मिलते हैं। ये रिजर्व शेरों के लिए रिजर्व होते हैं, जो कि उनकी टेरिटरी कहे जाते हैं। इस लेख में हम भारत के सबसे छोटे टाइग रिजर्व के बारे में जानेंगे।
भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ यानि शेर है। देश के विभिन्न राज्यों में शेरों के संरक्षण के लिए टाइगर रिजर्व भी बनाए गए हैं। इस कड़ी में देश के विभिन्न राज्यों में हमें अलग-अलग टाइगर रिजर्व देखने को मिलते हैं, जिनमें हर साल शेरों के दीदार के लिए बड़ी संख्या में वन्यजीव प्रेमी पहुंचते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं सबसे छोटा टाइगर रिजर्व भारत के किस राज्य में है? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में कुल कितने टाइगर रिजर्व
सबसे पहले हम भारत के कुल टाइगर रिजर्व के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि भारत में अधिसूचित टाइगर रिजर्व की कुल संख्या 58 है। हाल ही में छत्तीसगढ़ स्थित गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 56वां टाइगर रिजर्व बना है। वहीं, मध्य प्रदेश का रातापानी 57वां और माधव टाइगर रिजर्व 58वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है।
भारत का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व कौन-सा है
भारत का सबसे छोटा टाइगर रिजर्व बोर टाइगर रिजर्वहै। यह टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र के वर्धा जिलेमें स्थित है। इसका कोर और बफर एरिया मिलाकर कुल क्षेत्रफल लगभग 138.12 वर्ग किलोमीटर है। हालांकि, कुछ स्रोतों में असम के 'ओरांग टाइगर रिजर्व' को कोर एरिया के आधार पर छोटा माना जाता था, लेकिन आधिकारिक तौर पर भारत का सबसे छोटा घोषित टाइगर रिजर्व बोर ही है।
कब बना टाइगर रिजर्व
बोर टाइगर रिजर्व को जुलाई 2014 में भारत का 47वां और महाराष्ट्र का 6ठां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इस रिजर्व का नाम यहां से बहने वाली बोर नदी और उस पर बने बोर बांध के नाम पर रखा गया है।
टाइगर रिजर्व का पारिस्थितिक महत्त्व
आकार में छोटा होने के बावजूद यह टाइगर रिजर्व भारतीय वन्यजीव संरक्षण और बाघों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है। बोर टाइगर रिजर्व मध्य भारत के बड़े टाइगर रिजर्व जैसेः पेंच, ताडोबा-अंधारीऔर मेलघाटके बीच एक महत्त्वपूर्ण 'वाइल्डलाइफ कॉरिडोर' का काम करता है। यह बाघों और अन्य जीवों को एक जंगल से दूसरे जंगल में सुरक्षित आवाजाही की सुविधा देता है।
टाइगर रिजर्व के फ्लोरा और फोना
इस टाइगर रिजर्व मेंDry Deciduous Forest पाए जाते हैं। बाघ के अलावा यहां तेंदुए, आलसी भालू, गौर, सांभर, चीतल और कई दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं।
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