उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां मौजूद अलग-अलग जिलों में हमें अलग-अलग झीलों के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी का वह इकलौता जिला कौन-सा है, जहां भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
किस जिले में है सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील
गोविंद वल्लभ पंत सागर भारत का सबसे बड़ा मानव निर्मित जलाशय है। यह बड़ा जलाशय उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के पिपरी नामक स्थान पर रिहंद नदी पर निर्मित 'रिहंद बांध' के कारण बना है। सोनभद्र की सीमा मध्य प्रदेश से भी सटी होने के कारण इस बड़ी झील का कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले तक फैला हुआ है।
कब और कैसे बनी झील
इस जलाशय का नाम उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी पंडित गोविंद वल्लभ पंत के नाम पर रखा गया है। इस परियोजना का शिलान्यास 13 जुलाई 1954 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया था और यह बांध वर्ष 1962 में बनकर पूरी तरह तैयार हुआ।
कितनी बड़ी है झील
यह जलाशय लगभग 130 वर्ग किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, जो पानी की सतह के फैलाव के हिसाब से इसे देश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील बनाता है। इसमें लगभग 10.6 बिलियन घन मीटर पानी जमा करने की क्षमता है। रिहंद बांध एक गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी लंबाई लगभग 914 मीटर और ऊंचाई करीब 91 मीटर है।
क्या है आर्थिक और औद्योगिक महत्त्व
सोनभद्र और सिंगरौली क्षेत्र को भारत की 'ऊर्जा राजधानी' कहा जाता है। इस जलाशय का पानी रिहंद जलविद्युत परियोजना के तहत बिजली उत्पादन में काम आता है। यहां आसपास स्थित एनटीपीसी (NTPC Singrauli, Rihand), ओबरा व अनपरा जैसे बड़े थर्मल पावर स्टेशनों को कूलिंग और बिजली उत्पादन के लिए जरूरी पानी इसी झील से मिलता है। इस बांध से निकलने वाली नहरों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के कृषि क्षेत्रों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाता है।
