भारत के उत्तर में स्थित हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। यह राज्य अपने सुंदर प्राकृतिक नजारों और संस्कृति के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। इस कड़ी में यहां कई प्रमुख नदियों का प्रवाह होता है, जो कि अलग-अलग राज्यों से होते हुए गुजरती हैं। हालांकि, क्या आप बता सकते हैं कि हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख में हम इस नदी को दो अलग-अलग आधार पर जानेंगे।
हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी नदी
हिमाचल प्रदेश में जब भी सबसे बड़ी नदी की बात होती है, तो इसमें चिनाब और सतलुज, दोनों नदियों का नाम लिया जाता है। हालांकि, इन दोनों के नाम के पीछे की वजह जल प्रवाह यानि कि वॉटर वॉल्यूम और लंबाई है। अब हम इन दोनों नदियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
जल प्रवाह के आधार पर चिनाब नदी है बड़ी
जल की मात्रा और बहाव के हिसाब से देखें, तो चिनाब हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी नदी है। यह नदी लाहौल-स्पीति जिले में तांडी नामक स्थान पर दो नदियों चंद्रा और भागा के संगम से बनती है। इसलिए, इसे चंद्रभागा भी कहा जाता है।
कहां से बहती है यह नदी
यह लाहौल घाटी से बहते हुए पांगी घाटी में प्रवेश करती है और संसारी नाला के पास हिमाचल प्रदेश छोड़कर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में प्रवेश कर जाती है। बर्फीले ग्लेशियरों से निकलने के कारण इसमें साल भर पानी का प्रवाह बहुत तेज और अधिक रहता है।
लंबाई के आधार पर सतलुज नदी है बड़ी
अगर हिमाचल प्रदेश के अंदर नदी के बहने की कुल लंबाई की बात की जाए, तो सतलुज राज्य की सबसे लंबी नदी है। यह हिमाचल प्रदेश में लगभग 320 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस नदी का उद्गम भारत के बाहर तिब्बत में मानसरोवर झील के पास स्थित राक्षस तालसे होता है।
कहां-कहां बहती है नदी
यह नदी किन्नौर जिले के शिपकी ला दर्रे से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और शिमला, कुल्लू, मंडी व बिलासपुर जिलों से बहती हुई भाखड़ा बांध के रास्ते पंजाब में निकल जाती है। आपको बता दें कि प्रसिद्ध भाखड़ा-नांगल बांध और नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना इसी नदी पर स्थित हैं।
