बिजली का बिल लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना खर्च कम करने का एक ऑप्शन बन रहा है। लेकिन बाजार में मोनोक्रिस्टलाइन से लेकर टॉपकॉन तक कई तरह के पैनल उपलब्ध हैं। ऐसे में सवाल है कि इनमें से कौन सबसे ज्यादा बिजली बनाता है और घर के लिए कौन-सा पैनल सही रहेगा? चलिए इसक बारे में विस्तार से जानते है।
सोलर पैनल चुनते समय सिर्फ कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। पैनल की दक्षता, छत पर उपलब्ध जगह, धूप की स्थिति, तापमान, क्षमता और लंबे समय में होने वाला खर्च भी देखना जरूरी है।
मोनोक्रिस्टलाइन: कम जगह में ज्यादा बिजली
मोनोक्रिस्टलाइन पैनल एक ही सिलिकॉन क्रिस्टल से बनाए जाते हैं। इनका रंग आमतौर पर काला या गहरा होता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत है कि कम जगह में अपेक्षाकृत ज्यादा बिजली पैदा की जा सकती है।
इनकी दक्षता आमतौर पर 18 से 22 प्रतिशत के आसपास होती है और आधुनिक मॉडलों में यह इससे अधिक भी हो सकती है। सीमित जगह वाली घरेलू छतों के लिए इन्हें उपयोगी विकल्प माना जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले पैनल लंबे समय तक काम कर सकते हैं।
पॉलीक्रिस्टलाइन: कम खर्च में विकल्प
ये भी पॉलीक्रिस्टलाइन (Polycrystalline) पैनल कई सिलिकॉन क्रिस्टल से बनाए जाते हैं और आमतौर पर नीले दिखाई देते हैं। इनकी निर्माण लागत मोनोक्रिस्टलाइन की तुलना में कम होती है।
इनकी क्षमता सामान्य तौर पर 15 से 17 प्रतिशत के आसपास होती है। अगर घर की छत पर पर्याप्त जगह है और शुरुआती खर्च कम रखना चाहते हैं, तो यह ऑप्शन देखा जा सकता है।
थीन फिल्म: हल्के और लचीले पैनल
थीन फिल्म (Thin-Film) पैनल में फोटोवोल्टिक मटेरियल की बहुत पतली परत का उपयोग किया जाता है। इनका वजन कम हो सकता है और कुछ प्रकार के पैनल लचीले भी होते हैं।
टॉपकॉन: ज्यादा क्षमता वाली आधुनिक तकनीक
टॉपकॉन (TOPCon) अड्वान्स सोलर टेक्नॉलजी में शामिल है। बाजार में कई टॉपकॉन मॉड्यूल 20% से अधिक क्षमता वाले हैं और कुछ मॉडलों में यह 23% या उससे अधिक भी हो सकती है।
इस टेक्नॉलजी का बड़ा फायदा यह है कि सीमित जगह में अधिक क्षमता वाला सिस्टम लगाया जा सकता है।
सबसे ज्यादा बिजली कौन बनाता है?
सिर्फ क्षमता की बात करें तो आधुनिक टॉपकान पैनल सबसे अधिक दक्षता वाले विकल्पों में शामिल हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर घर में टॉपकान ही सबसे ज्यादा बिजली बनाएगा, ऐसे में आप अपने सुविधानुसार विकल्प चुन सकते है।
घर के लिए कौन-सा पैनल सही?
यदि छत पर जगह कम है और ज्यादा बिजली चाहिए, तो मोनोक्रिस्टलाइन या टॉपकॉन पर विचार किया जा सकता है। वहीं, पर्याप्त जगह और सीमित बजट होने पर पॉलीक्रिस्टलाइन एक विकल्प हो सकता है।
पीएम सूर्य घर योजना का लाभ
रूफटॉप सोलर लगवाने वाले पात्र घरेलू उपभोक्ता PM-Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत मिलने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता का लाभ ले सकते हैं। 3kW या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम केंद्रीय सहायता 78000 रुपये तक हो सकती है।
