अब इस राज्य में नहीं दिखेगा डीजल इंजन! पूरा रेलवे नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिफाइड
Assam Railway Network: असम राज्य में रेलवे ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ब्रॉड गेज (BG) रेलवे नेटवर्क का पूरी तरीके से विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है। राज्य के 2,589 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क को अब इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से ऑपरेट किया जा रहा है।
देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में रेल का विकास कार्य प्रगति पर है। राज्य ने रेलवे विद्युतीकरण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। असम के पूरे ब्रॉड गेज (BG) रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इसका मतलब है कि राज्य के 2,589 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क को अब इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से ऑपरेट किया जा सकता है।
राज्य के सीएम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 14 सितंबर को इस उपलब्धि को राज्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता पिछले 12 वर्षों में हुए प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि से न केवल रेल ऑपरेशन को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि डीजल पर निर्भरता घटाने और अधिक पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की उम्मीद भी है।
12 साल में हुआ असम रेलवे का कायाकल्प
सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर असम के पूर्ण रेलवे विद्युतीकरण की जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले राज्य के कई हिस्सों में ब्रॉड गेज रेलवे कनेक्टिविटी तक उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार और विद्युतीकरण पर लगातार काम किया गया।
सरमा ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम के रेलवे ढांचे को देश के अन्य राज्यों के समकक्ष लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह उपलब्धि असम के परिवहन क्षेत्र में एक नए दौर की शुरुआत है।
विद्युतीकरण मिशन में कई नेताओं का योगदान
हिमंत बिस्व सरमा ने रेलवे विद्युतीकरण अभियान को पूरा करने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी आभार जताया। उन्होंने पूर्व रेल मंत्रियों पीयूष गोयल और सुरेश प्रभु के योगदान को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद अलग-अलग चरणों में इन नेताओं के प्रयासों से असम में रेलवे विद्युतीकरण के काम को गति मिली। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में केंद्र और रेलवे प्रशासन के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
पहाड़ी रेलखंड में भी पूरा हुआ जरूरी काम
असम में रेलवे परियोजनाएं पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आती हैं। विद्युतीकरण अभियान के तहत लमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में भी महत्वपूर्ण काम किया गया है।
जून में हाफलोंग ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) से न्यू हाफलोंग ट्रैक्शन सब-स्टेशन (NHLG TSS) तक 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन को इलेक्ट्रफाई किया गया। इस कदम से पहाड़ी रेलखंड में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
गुवाहाटी से तीन अहम प्रोजेक्ट राष्ट्र को समर्पित
इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से तीन प्रमुख रेलवे इलेक्ट्रिफाइड परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की थीं। जिसकी डिटेल्स आप यहां देख सकते है-
-रंगिया-मुरकोंगसेलेक रेलखंड: 558 किलोमीटर
-छपारमुख-डिब्रूगढ़ रेलखंड: 571 किलोमीटर
-बदरपुर-सिलचर और बदरपुर-चुराईबारी रेलखंड: 315 किलोमीटर तक
बता दें कि इन परियोजनाओं ने असम के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक रेल परिचालन के विस्तार की नींव मजबूत की है, जो राज्य में परिवहन से लेकर पर्यटन तक को बढ़ावा देगी।
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