उत्तराखंड की ‘सुपर सुरंगें’, जो घंटों का सफर मिनटों में कराती हैं तय
उत्तराखंड राज्य अपने दुर्गम पहाड़ और उनकी चोटियों के लिए जाना जाता है। इस कड़ी में यहां पूरे राज्यों को आपस में जोड़ने के लिए कई बड़ी सुरंगों का निर्माण किया गया है। इस लेख में हम उत्तराखंड की प्रमुख सुरंगों के बारे में जानेंगे।
भारत का उत्तराखंड राज्य जितनी अपनी खूबसूरत वादियों के लिए जाना जाता है, उतना ही यह अपने दुर्गम रास्तों और पहाड़ियों के लिए भी विख्यात है। इस कड़ी में यहां कई ऐसी सुरंगें बनी हुई हैं, जो कि एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी के बीच दूरी घटाकर घंटों का सफर मिनटों में पूरा करा रही हैं। इसके अलावा यहां कई हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट्स की सुरंगें भी बनी हुई हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
सिल्कयारा-बरकोट सुरंग
यह सुरंग कुल 4.53 किलोमीटर लंबी है, जो कि ऑल वेदर चारधाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट (NH-94) का हिस्सा है। यह सुरंग धरासू से यमुनोत्री मार्ग को जोड़ती है। सुरंग बनने के बाद उत्तरकाशी से यमुनोत्री की दूरी लगभग 26 किलोमीटर कम हो जाएगी। आपको बता दें कि यह सुरंग नवंबर 2023 में तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आई थी, जब इसके धंसने के कारण 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिनों के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया था।
चंबा सुरंग
यह सुरंग 440 मीटर लंबी है, जो कि सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा ऋषिकेश-धरासू राजमार्ग (NH-94) पर है। इस सुरंग के माध्यम से चारधाम तीर्थयात्रियों के लिए ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या खत्म हुई है।
डाट काली सुरंग
यह सुरंग 340 मीटर लंबी है, जो कि देहरादून को दिल्ली से जोड़ने का मुख्य प्रवेश द्वार मानी जाती है। आपको बता दें कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के तहत अब यहां भारत की पहली 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और नई सुरंगें भी तैयार की गई हैं।
तपोवन-विष्णुगाड परियोजना सुरंग,चमोली
धौलीगंगा नदी पर एनटीपीसी (NTPC) की इस परियोजना के तहत लगभग 12 किमी लंबी सुरंग है।
टिहरी बांध सुरंग,टिहरी
भागीरथी नदी के जल को टर्बाइन तक पहुंचाने के लिए अंडरग्राउंड डायवर्जन टनल बनाई गई है।
मनेरी भाली परियोजना सुरंग,उत्तरकाशी
भागीरथी नदी के जल को तिलोथ पावर हाउस तक ले जाने के लिए बनाई गई यह जल सुरंग है।
प्रस्तावित और निर्माणाधीन सुरंगें
-मसूरी में माल रोड के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए लगभग 2.74 किमी लंबी सुरंग प्रस्तावित है।
-बीआरओ (BRO) द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तक सेना की पहुंच के लिए कुमाऊं क्षेत्र में कई छोटी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.