भारत के इस गांव में घरों में नहीं लगे हैं दरवाजे, कभी नहीं होती है चोरी
भारत में आपने अलग-अलग गांव और शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। क्या आपको पता है कि भारत में एक गांव ऐसा भी है, जहां पर किसी भी घर में आपको मुख्य दरवाजा देखने को नहीं मिलेगा। यानि, इसका मतलब यह हुआ कि यहां के लोग अपने घरों को खुला ही रखकर सोते हैं और कहीं भी बिना किसी चिंता के आते-जाते हैं। यही नहीं, यहां के बैंकों में भी आपको दरवाजा नहीं मिलेगा। कौन-सा है यह गांव और क्या है वजह, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत विविधताओं का देश है, जहां आपको अलग-अलग संस्कृति, धर्म, पंरपराएं और मान्यताएं मिलेंगी। इसके अलावा यहां का खान-पान और वेशभूषा भी भारत के निर्माण में सहयोग करती हैं। इन्हीं सब चीजों से एक विविध भारत का निर्माण होता है।
हालांकि, इनके सबसे के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जो भारत को वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान बनाने में मदद करती हैं, वह यहां के गांव और शहरों की विशेषता है। ऐसा ही एक गांव है, जहां पर आपको किसी भी घर में मुख्य दरवाजा नहीं मिलेगा।
इसका मतलब यह हुआ कि यहां रहने वाले व्यक्ति घर को खुला रखकर ही सोते हैं और यहां पर चोरी भी नहीं होती है। यही नहीं, खास बात यह है कि यहां पर मौजूद बैंकों में भी आपको कोई दरवाजा नहीं मिलेगा, जिससे भारत का यह गांव और भी खास हो जाता है। इस लेख के माध्यम से हम इस गांव के बारे में जानेंगे।
इस गांव में नहीं हैं दरवाजे
भारत के महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले में शनि शिगणापुर गांव में किसी भी घर में आपको दरवाजा नहीं मिलेगा। यहां के घर खुले रही रहते हैं। ऐसे में यहां पर दरवाजों का भी कारोबार नहीं होता है।

क्यों नहीं होते हैं दरवाजे
शनि शिगणापुर गांव में भगवान शनि का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि शनि की आज्ञा की वजह से यहां पर किसी भी घर में दरवाजा नहीं है। यहां तक की लोग अपने गाड़ियों में भी ताला नहीं लगाते हैं।
किस तरह रखते हैं कीमती सामान
यह गांव एक कम आबादी वाला गांव है। यहां रहने वाले लोग अपने घरों में कोई अलमारी या फिर सूटकेस भी नहीं रखते हैं। वहीं, सोने जेवरात जैसे कीमती सामान को लोग किसी कपड़े में ढककर या फिर किसी डिब्बे में रख देते हैं।
24 घंटे घर का मुख्य प्रवेश द्वार खुला रहता है। क्योंकि, यहां पर कोई दरवाजा ही नहीं होता है। हालांकि, लोग जानवर से बचने के लिए लकड़ी की एक बाड़ लगा देते हैं।
बैंकों में भी मौजूद नहीं हैं दरवाजे
खास बात यह है कि यहां मौजूद बैंकों में भी दरवाजे मौजूद नहीं है, जिससे यह गांव और भी खास बन जाता है। ऐसे में यह ऐसा गांव बन जाता है, जहां बिना दरवाजे वाले बैंक हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां बड़े-बड़े मेलों में भी लोग अपने घरों को खुला रखते हैं और कोई चोरी नहीं होती है।
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