कॉलेज की पढ़ाई के दौरान छोटी-छोटी जरूरतों के लिए घर से पैसे मांगने की परेशानी अब कम हो सकती है। महाराष्ट्र सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रही छात्राओं को हर महीने 2000 रुपये तक की पॉकेट मनी देने की योजना पर विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि यह मदद छात्राओं के रोजमर्रा के खर्च को संभालने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से थोड़ा और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
हर महीने मिलेंगे 2 हजार रुपये?
महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार छात्राओं के लिए इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने छात्रों के साथ बातचीत के दौरान इस योजना की जानकारी दी। प्रस्ताव के मुताबिक, उच्च शिक्षा ले रही छात्राओं को हर महीने 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सकती है।
‘कमाओ और सीखो’ की तर्ज पर होगा मॉडल
सरकार इस पहल को ‘कमाओ और सीखो’ योजना की तर्ज पर तैयार करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य खासतौर पर उन छात्राओं को सहारा देना है, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त खर्च उठाने में सक्षम नहीं है।
ऐसे में सरकार चाहती है कि पैसों की कमी किसी छात्रा की पढ़ाई के रास्ते में रुकावट न बने।
12 लाख छात्राओं को हो सकता है फायदा
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका फायदा महाराष्ट्र की करीब 12 लाख छात्राओं तक पहुंच सकता है। योजना के लिए सरकार CSR यानी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड का इस्तेमाल करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। उम्मीद है कि आर्थिक मदद मिलने से ज्यादा छात्राएं उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
अभी सिर्फ प्रस्ताव, अंतिम फैसला बाकी
हालांकि, फिलहाल इस योजना को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार विश्वविद्यालयों और बड़े कॉलेजों के साथ बातचीत कर रही है। योजना कब शुरू होगी, किन छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या पात्रता होगी, इन सभी बातों पर अभी फैसला होना बाकी है। इसलिए अभी इसे घोषित योजना नहीं, बल्कि सरकार के विचाराधीन प्रस्ताव के तौर पर देखना बेहतर होगा।
महिलाओं के लिए पहले से कई योजनाएं
महाराष्ट्र सरकार महिलाओं और बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पहले से कई योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना और लेक लाडकी योजना प्रमुख हैं। नई छात्रा पॉकेट मनी योजना भी लागू होने पर इसी तरह छात्राओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
