भारत के पड़ोसी देशों में नेपाल प्रमुख तौर पर गिना जाता है। यहां विभिन्न नदियों का प्रवाह होता है, जिसमें एक नदी ऐसी भी है, जो कि नेपाल की सबसे लंबी नदी है। यह नदी करनाली नदी है, जो भारत में प्रवेश करने के बाद गंगा नदी से मिल जाती है। इस लेख में हम नदी के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कहां से निकलती है करनाली नदी
करनाली नदी मानसरोवर झील के पास तिब्बत के पठार पर स्थित मापचाचुंगो ग्लेशियर से निकलती है,जो कि करीब 3,962 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
कितनी लंबी है नदी
करनाली नदी नेपाल की सबसे बड़ी और लंबी नदी है। यह नदी नेपाल में 507 किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हुए ऊबर-खाबड़ पहाड़ी रास्तों से गुजरती है।
भारत के उत्तर प्रदेश में करती है प्रवेश
नेपाल में बहने के बाद यह नदी चिसपानी के पास शिवालिक पहाड़ियों को पार कर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है, जहां इसे घाघरा और आगे चलकर सरयू नदी के नाम से जाना जाता है। सरयू नदी के किनारे ही अयोध्या नगरी बसी हुई है, जिसका संबंध श्रीराम से है।
भारत में कितनी है नदी की लंबाई
भारत में घाघरा नदी की लंबाई की बात करें, तो यह कुल 1080 किलोमीटर है। यह नदी बिहार के छपरा जिले के पास गंगा नदी में मिल जाती है। ऐसे में यह नदी गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में गिनी जाती है।
घाघरा की प्रमुख सहायक नदियां
घाघरा की प्रमुख सहायक नदी सेती नदी है, जो कि पश्चिमी रिसर्वेयर का पानी लेती है। वहीं, भेरी नदी धवलगिरी हिमालय से निकलती है और अंत में आकर घाघरा नदी में मिल जाती है।
नदी का धार्मिक और आर्थिक महत्त्व
घाघरा नदी हिंदू और बौद्ध धर्म में महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। यह नदी जहां से निकलती है, उसे भगवान शिव के निवास के स्थल के पास माना जाता है। वहीं, यह नदी नेपाल के मशहूर बर्दिया नेशनल पार्क के पास से गुजरती है, जो कि बाघों और मीठे पानी की डॉल्फिन के लिए जाना जाता है।
व्हाइट वॉटर राफ्टिंग के लिए प्रसिद्ध
नेपाल की करनाली और भारत में घाघरा नाम से प्रसिद्ध नदी व्हाइट वॉटर राफ्टिंग के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि हर साल इस नदी में एडवेंचर के शौकिन लोग पहुंचते हैं।
