गणित में नोबेल पुरस्कार क्यों नहीं दिया जाता है, जानें वजह

Last Updated: Sep 23, 2026, 13:14 IST

विश्वभर में फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेडिकल, साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाता है। हालांकि, गणित में कभी भी नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाता है। क्या है इसके पीछे की वजह, जानने के लिए पूरे लेख पढ़ें। 

नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार

नोबेल पुरस्कार को बहुत ही प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। यह पुरस्कार फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेडिकल, साहित्य और शांति जैसे विषयों में दिया जाता है। अल्फ्रेड नोबेल ने 1895 में अपनी वसीयत तैयार करते समय जिन 5 क्षेत्रों को चुना था, उनमें गणित शामिल नहीं था। आज तक कभी भी गणित विषय में नोबेल पुररस्कार नहीं दिया गया है। क्या है इसके पीछे की वजह, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें। 

प्रैक्टिल पर दिया जोर

अल्फ्रेड नोबेल एक उद्योगपति और व्यावहारिक आविष्कारक थे। वह चाहते थे कि उनकी संपत्ति से उन खोजों को सम्मानित किया जाए, जिन्होंने मानवता को सीधा और व्यावहारिक लाभ पहुंचाया हो। नोबेल की नजर में फिजिक्स, केमेस्ट्री और मेडिकल ऐसी ब्रांच थीं, जिनके रिजल्ट तुरंत समाज के काम आते थे।

गणित को मानते थे थ्योरी विषय

अल्फ्रेड नोबेल गणित को एक थ्योरी विषय मानते थे। उनके अनुसार, गणित अपने आप में अंतिम रिजल्ट नहीं था, बल्कि यह अन्य विज्ञानों को समझने का केवल टूल था। एक प्रमुख ऐतिहासिक फैक्ट यह है कि अल्फ्रेड नोबेल के समय स्वीडन में गणित के लिए पहले से ही एक बहुत बड़ा और प्रतिष्ठित पुरस्कार मौजूद था।

स्वीडन के राजा ऑस्कर द्वितीय और प्रसिद्ध स्वीडिश गणितज्ञ गॉस्टा मिटाग-लेफ्लर के प्रयासों से गणित कार्य के लिए एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार और पत्रिका शुरू की जा चुकी थी। ऐसा माना जाता है कि नोबेल किसी ऐसे क्षेत्र में अपना फंड नहीं लगाना चाहते थे, जो पहले से ही अच्छा फंडा प्राप्त कर रहा हो और मान्यता प्राप्त हो।

गणित जगत का 'नोबेल पुरस्कार' किसे कहा जाता है?

गणितज्ञों के योगदान को सम्मानित करने के लिए बाद में गणित की दुनिया के दो सबसे बड़े पुरस्कार स्थापित किए गए:

फील्ड्स मेडल: इसे 'गणित का नोबेल' माना जाता है। यह हर 4 साल में 40 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली गणितज्ञों को दिया जाता है।

आबेल पुरस्कार : नॉर्वे की सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार जीवन भर की गणितीय उपलब्धियों के लिए दिया जाता है और इसमें मिलने वाली सम्मान राशि नोबेल पुरस्कार के लगभग बराबर होती है।

ऐसे में इतिहास में कभी भी आधिकारिक रूप से नोबेल पुरस्कार कभी किसी को नहीं दिया गया, बल्कि फील्ड्स मेडल और आबेल पुरस्कार बने, जिनकी तुलना नोबेल पुरस्कार से की गई।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 23, 2026, 13:14 IST

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