श्रीलंका की सबसे लंबी नदी कौन-सी है, जानें
श्रीलंका भारत का जलीय पड़ोसी देश है। भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। यह देश चारों तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है। हालांकि, क्या आप श्रीलंका की सबसे लंबी नदी के बारे में बता सकते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत के महत्त्वपूर्ण पड़ोसी देशों की जब भी बात होती है, तो इसमें श्रीलंका का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। यह भारत का जलीय पड़ोसी देश है, जिसकी राजधानी श्रीजयवर्धनेपुरे कोट्टे है। यह देश चारों तरफ से हिंद महासागर से घिरा हुआ है। हालांकि, यहां कई बड़ी नदियों का प्रवाह भी होता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि श्रीलंका की सबसे लंबी नदी कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
श्रीलंका की सबसे लंबी नदी कौन-सी है
अब हम श्रीलंका की सबसे लंबी नदी के बारे में जान लेते हैं। आपको बात दें कि श्रीलंका की सबसे लंबी नदी महावेली नदीहै। 'महावेली' शब्द का सिंहली भाषा में अर्थ ‘बड़ी बालू वाली नदी’ होता है। यह नदी श्रीलंका के भूगोल, पर्यावरण, कृषि और बिजली उत्पादन की जीवन रेखा मानी जाती है।
महावेली नदी का विस्तार और रूट
महावेली नदी की कुल लंबाई 335 किलोमीटरहै, जो श्रीलंका के छोटे लैंड एरिया को देखते हुए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यह नदी श्रीलंका के मध्य पहाड़ी क्षेत्र में स्थित हार्टन प्लेंस नेशनल पार्ककी श्री पाद पहाड़ियों से निकलती है। पहाड़ी रास्तों, घने जंगलों और मैदानी इलाकों से बहती हुई यह नदी श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित त्रिंकोमाली के पास बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है।
महावेली नदी का आर्थिक और सामाजिक महत्त्व
यह श्रीलंका के इतिहास की सबसे बड़ी और बहुउद्देश्यीय सिंचाई व बुनियादी ढांचा परियोजना है। इस परियोजना के तहत नदी के पानी को मोड़कर देश के शुष्क क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है।
-श्रीलंका का उत्तरी और उत्तर-मध्य भाग सूखाग्रस्त माना जाता है। महावेली नदी के पानी से लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है, जिससे देश में खाद्य सुरक्षा बनी रहती है।
-इस नदी पर 'विक्टोरिया बांध', 'कोटमाले बांध' और 'रंदेनिगाला बांध' जैसे कई बड़े बांध बनाए गए हैं। ये बांध श्रीलंका की कुल बिजली खपत का एक बड़ा हिस्सा उत्पन्न करते हैं।
-महावेली नदी श्रीलंका के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर 'कैंडी' के चारों ओर एक प्राकृतिक खाई की तरह बहती है, जिसने पुराने समय में इस शहर को विदेशी आक्रमणों से सुरक्षा प्रदान की थी।
-यह नदी महावेली गंगा नेशनल पार्कसे होकर गुजरती है, जो एशियाई हाथियों, तेंदुओं और विभिन्न दुर्लभ पक्षियों का प्राकृतिक आवास है।
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