दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बहुत-सी नदियों का प्रवाह होता है, जो कि कई हजारों किलोमीटर का सफर तय करती हैं। ये नदियां अपनी अलग-अलग विशेषताओं की वजह से भी जानी जाती हैं। इनमें दुनिया की इकलौती वह नदी भी शामिल है, जो कि मकर रेखा को एक नहीं, बल्कि 2 बार काटती है। क्या आप इस नदी के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
मकर रेखा को 2 बार काटने वाली नदी
अब हम यह जान लेते हैं कि मकर रेखा को दो बार काटने वाली नदी कौन-सी है? आपको बता दें कि मकर रेखा को दो बार काटने वाली प्रसिद्ध लिम्पोपो नदीहै। यह नदी दक्षिण अफ्रीका महाद्वीप की एक प्रमुख और ऐतिहासिक नदी है, जो अपने अनोखे घुमावदार प्रवाह के कारण मकर रेखा को दो बार पार करती है।
लिम्पोपो नदी कहां से निकलती है
लिम्पोपो नदी दक्षिण अफ्रीका के विटवाटरस्रैंड क्षेत्र की पहाड़ियों से निकलती है। अपने शुरुआती हिस्से में इसे 'क्रोकडाइल रिवर' भी कहा जाता है। इस नदी की कुल लंबाई लगभग 1,750 किलोमीटरहै। यह मुख्य रूप से पूर्व की ओर बहती है और मध्य-दक्षिण अफ्रीका से होती हुई आखिर में मोजाम्बिक देश में प्रवेश करती है, जहां यह हिंद महासागर में जाकर गिरती है। इस बीच यह नदी दक्षिण अफ्रीका की बोत्सवाना और जिम्बाब्वे के साथ प्राकृतिक सीमा रेखा बनाती है।
यह मकर रेखा को दो बार कैसे काटती है?
नदी के प्रवाह का अनोखा घुमाव U-Shaped Course ही इसे मकर रेखा को दो बार काटने वाली नदी बनाता है। अपने उद्गम के बाद जब लिम्पोपो नदी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बहती है, तो यह पहली बार मकर रेखा को पार करती है। इसके बाद यह उत्तर की ओर बढ़कर जिम्बाब्वे की सीमा को छूती है और फिर दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर मुड़कर मोजाम्बिक की तरफ बढ़ती है। इस घुमाव के दौरान यह दोबारा मकर रेखा को पार करके दक्षिण की ओर निकल जाती है।
नदी का महत्त्व
इस नदी को 'घड़ियाल नदी' भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें बड़े नील मगरमच्छ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। प्रसिद्ध लेखक रडयार्ड किपलिंग ने अपनी कहानी 'जस्ट सो स्टोरीज' में इस नदी का वर्णन ‘ग्रेट ग्रे-ग्रीन, ग्रीसी लिम्पोपो रिवर’ कहकर किया था।
