पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री
एक विश्लेषण के अनुसार, IAS की 2014 की प्रारंभिक परीक्षा में पर्यावरण और पारिस्थितिकीय से 18 प्रश्न पूछे गए थे और 2015 में 10 प्रश्न, तो इस विश्लेषण के आधार पर आप इस विषय के महत्व को समझ ही गए होंगे| इसलिए jagranjosh.com आपको इस विषय की विश्वसनीय, तथ्यपूर्ण और सरल अध्ययन सामग्री NCERT, माजिद हुसैन (पर्यावरण और पारिस्थितिकीय), महेश रंगराजन (भारत में पर्यावरण के मुद्दों) को ध्यान में रखकर एक ही क्लिक पर उपलब्ध करा रहा है |
पर्यावरण और पारिस्थितिकीय का अध्ययन कर आप भूगोल के कुछ प्रश्नों का भी उत्तर दे सकते हैं, इसलिए इस विषय के अध्ययन से आप एक तीर से दो निशान लगा सकते हैं I इस विषय की अध्ययन सामग्री को हमने न सिर्फ स्कूल जाने वाले छात्र/छात्राओं बल्कि ग्रेजुएशन की पढाई कर रहे विद्यार्थियों के साथ – साथ प्रतियोगी छात्रों के लिए भी बनाया है I इसलिए आपकी सहूलियत के लिए हमने इस पूरी अध्ययन सामग्री को 5 मुख्य भागों में बांटा है, जो कि इस प्रकार है ...
- पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: संकल्पना
- पारिस्थितिकी तंत्र
- पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन
- भारत और जलवायु परिवर्तन
- प्राकृतिक संसाधन
"पर्यावरण और पारिस्थितिकीय" समग्र अध्ययन सामग्री
1. पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: संकल्पना
1.1 पारिस्थितिकी का अर्थ
1.2 पर्यावरण और पारिस्थितिकी पर शब्दावली (जार्गन)
1.3 पर्यावरण का अर्थ
2. पारिस्थितिकी तंत्र
2.1 जलीय विभंजन (हाइड्रोलिक फ्रेक्चरिंग)
2.2 जैवविविधता के लाभ
2.3 भारत में जैव विविधता का संरक्षण
2.4 पारिस्थितिकी तंत्र के अवयव या घटक
2.5 भारत का जैव-भौगोलिक वर्गीकरण
2.6 भारत की सामान्य पादप प्रजातियां
2.7 भारत के जानवरों की प्रजातियाँ
3. पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन
3.1 मृदा प्रदूषण
3.2 ओज़ोन परत अवक्षय (ह्रास)
3.3 आनुवांशिक रूप से संशोधित फसल / खाद्य पदार्थ
3.4 प्रवाल विरंजन (श्वेत पड़ना)
3.5 वैश्विक मद्धिम
3.6 मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और वियना सम्मेलन (वियना संधि)
3.7 व्हेलिंग नियमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
3.8 सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र संघ का सम्मेलन
3.9 बेसल सम्मेलन
3.10 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
3.11 ध्वनि प्रदूषण
3.12 जैविक विविधता सम्मेलन (सीबीडी)
3.13 आईयूसीएन रेड डाटा बुक
3.14 ई-अपशिष्ट (ई-कचरे) के प्रकार
3.15 बॉन सम्मेलन, वाशिंगटन और रामसर सम्मेलन
3.16 जलवायु परिवर्तन
3.17 प्रदूषण का वर्गीकरण
4. भारत और जलवायु परिवर्तन
4.1 पर्यावरण के क्षेत्र मे गैर सरकारी संगठन और वकालत संस्थान
4.2 पर्यावरण की रक्षा के लिए भारतीय प्रस्ताव
4.3 छोटे किसानों के लिए ICRISAT द्वारा ग्रीन फैबलेट
4.4 भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य (ओडिशा)
4.5 टीयर-I ऑयल रिस्पांस सेंटर (मुंबई और जेएनपीटी हार्बर)
4.6 प्रतिपूरक वनीकरण कोष विधेयक, 2015
4.7 पर्यावरणीय कानूनों पर सुब्रमण्यम समिति
4.8 भारत में वायु की गुणवत्ता
4.9 राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना
4.10 मैली से निर्मल यमुना पुनरोद्धार परियोजना, 2017
4.11 भारत और विश्व के प्रसिद्ध पर्यावरणविद
4.12 नमामि गंगे योजना
4.13 यूएनईपी की पहली अनुकूलन अंतराल (गैप) रिपोर्ट
4.14 मध्य पूर्वी श्वसन (रेस्पिरेटरी) सिंड्रोम (एमईआरएस)
4.15 जलवायु कार्रवाई पर लीमा आह्वान
4.16 पर्यावरण लोकतंत्र सूचकांक 2015
5. प्राकृतिक संसाधन
5.1 वातावरण का गैसीय चक्र
5.2 प्राकृतिक क्षेत्र
5.3 भारत में वनों के प्रकार
5.4 जल प्रबंधन
5.5 गैर नवीकरणीय संसाधन
5.6 जल चक्र
5.7 ऊर्जा के नवीकरणीय संसाधन
5.8 ऊर्जा के गैर - अक्षय संसाधन
5.9 अक्षय संसाधन
5.10 पर्यावरण और उसके घटक
5.11 जल प्रदूषण
5.12 वायुमंडल का ऊर्जा चक्र
यदि आप इसी अध्ययन सामग्री को अंग्रेजी में पढना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें ...
पर्यावरण और पारिस्थितिकीय का अध्ययन कर आप भूगोल के कुछ प्रश्नों का भी उत्तर दे सकते हैं, इसलिए इस विषय के अध्ययन से आप एक तीर से दो निशान लगा सकते हैं I इस विषय की अध्ययन सामग्री को हमने न सिर्फ स्कूल जाने वाले छात्र/छात्राओं बल्कि ग्रेजुएशन की पढाई कर रहे विद्यार्थियों के साथ – साथ प्रतियोगी छात्रों के लिए भी बनाया है I इसलिए आपकी सहूलियत के लिए हमने इस पूरी अध्ययन सामग्री को 5 मुख्य भागों में बांटा है, जो कि इस प्रकार है ...
- पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: संकल्पना
- पारिस्थितिकी तंत्र
- पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन
- भारत और जलवायु परिवर्तन
- प्राकृतिक संसाधन
पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री
- पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: संकल्पना
1.2 पर्यावरण और पारिस्थितिकी पर शब्दावली (जार्गन)
1.3 पर्यावरण का अर्थ
2. पारिस्थितिकी तंत्र
2.1 जलीय विभंजन (हाइड्रोलिक फ्रेक्चरिंग)
2.3 भारत में जैव विविधता का संरक्षण
2.4 पारिस्थितिकी तंत्र के अवयव या घटक
2.5 भारत का जैव-भौगोलिक वर्गीकरण
2.6 भारत की सामान्य पादप प्रजातियां
2.7 भारत के जानवरों की प्रजातियाँ
3.पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन
3.1 मृदा प्रदूषण
3.3 आनुवांशिक रूप से संशोधित फसल / खाद्य पदार्थ
3.4 प्रवाल विरंजन (श्वेत पड़ना)
3.5 वैश्विक मद्धिम
3.7 व्हेलिंग नियमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
3.8 सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र संघ का सम्मेलन
3.9 बेसल सम्मेलन
3.10 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
3.11 ध्वनि प्रदूषण
3.12 जैविक विविधता सम्मेलन (सीबीडी)
3.14 ई-अपशिष्ट (ई-कचरे) के प्रकार
3.15 बॉन सम्मेलन, वाशिंगटन और रामसर सम्मेलन
3.16 जलवायु परिवर्तन
3.17 प्रदूषण का वर्गीकरण
4. भारत और जलवायु परिवर्तन
4.1 पर्यावरण के क्षेत्र मे गैर सरकारी संगठन और वकालत संस्थान
4.2 पर्यावरण की रक्षा के लिए भारतीय प्रस्ताव
4.3 छोटे किसानों के लिए ICRISAT द्वारा ग्रीन फैबलेट
4.4 भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य (ओडिशा)
4.5 टीयर-I ऑयल रिस्पांस सेंटर (मुंबई और जेएनपीटी हार्बर)
4.6 प्रतिपूरक वनीकरण कोष विधेयक, 2015
4.7 पर्यावरणीय कानूनों पर सुब्रमण्यम समिति
4.11 भारत और विश्व के प्रसिद्ध पर्यावरणविद
4.12 नमामि गंगे योजना
4.13 यूएनईपी की पहली अनुकूलन अंतराल (गैप) रिपोर्ट
4.14 मध्य पूर्वी श्वसन (रेस्पिरेटरी) सिंड्रोम (एमईआरएस)
4.15 जलवायु कार्रवाई पर लीमा आह्वान
4.16पर्यावरण लोकतंत्र सूचकांक 2015
5. प्राकृतिक संसाधन
5.4 जल प्रबंधन
5.6 जल चक्र
5.8 ऊर्जा के गैर - अक्षय संसाधन
5.9 अक्षय संसाधन
5.10 पर्यावरण और उसके घटक
5.11 जल प्रदूषण
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