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Budget 2024 Tax Slab: टैक्स स्लैब में बदलाव से इतनी आय वाले लोगों को मिलेगा फायदा, यहां देखें नई दर

Last Updated: Jul 24, 2024, 20:17 IST

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट 2024 पेश करेंगी, जिसमें आर्थिक विकास, स्थिरता, उपभोग, कर सुधार और श्रम कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रस्तुति का सीधा प्रसारण किया जाएगा तथा दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ऐसे सुधार होंगे, जो विकास को बढ़ावा देंगे, रोजगार सृजित करेंगे और जीवन स्तर में सुधार लाएंगे।

टैक्स दर में कितना हुआ बदलाव
टैक्स दर में कितना हुआ बदलाव

Budget 2024 Tax Slab: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई, 2024 को बजट पेश किया जा रहा है। इस बार के बजट से लोगों को खास उम्मीद है, खासकर मध्यम वर्गीय परिवार की नजरें बजट पर टिकी हुई हैं, जिससे उनका बजट संभलेगा या फिर बिगड़ेगा।

हालांकि, इस बार बजट को लेकर नई घोषणा की जा सकती है, जिससे अधिक आय वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है, जिसमें खासकर 10 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले लोग शामिल हैं। मौजूदा समय में 10 लाख रुपये से अधिक आय वाले लोगों को 30 फीसदी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है।

नए प्रस्ताव में ऐसे लोगों के लिए राहत जोड़ी गई है। हालांकि, यह बजट पेश होने के बाद पता चल सकेगा कि 10 लाख रुपये से अधिक आय वाले लोगों को राहत मिल रही है या नहीं। 

एक लाख रुपये से कम सैलरी वालों को मिलेगा इतना पैसा

यदि आपकी सैलरी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है, तो सरकार आपको 3 हजार रुपये  मासिक मिलेगा। यह राशि सरकार द्वारा दी जाएगी।

टैक्स दर 2023 और 2024 में अंतर

साल 2023 टैक्स दर साल 2024 टैक्स
3 से 6 लाख रुपये तक 5 % 3 से 7 लाख रुपये तक 5%
6 से 9 लाख रुपये तक 10% 7 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक 10%
9 लाख से 12 लाख रुपये तक 15% 10 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक 15%
12 लाख से 15 लाख रुपये तक 20% 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक 20%
15 लाख रुपये से अधिक 30% 15 लाख रुपये  30%

 

अब यह है नई दर

-इस बार सालाना 3 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए शून्य दर रखी गई है।

-ऐसे लोग जिनकी आय 3 लाख रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक है, उन्हें 5 फीसदी टैक्स के दायरे में रखा गया है। 

-यदि आपके आय 7 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक है, तो आपको 10 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा।

-यदि आपकी सालाना आय 10 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक है, तो आपको 15 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा।

कर स्लैब

दरें

रु. 3,00,000 तक

शून्य

रु. 300,001 से रु. 7,00,000

5% (धारा 87ए के तहत कर छूट)

रु. 7,00,001 से रु. 10,00,000

10% (धारा 87ए के तहत 7 लाख रुपये तक कर छूट)

रु. 10,00,001 से रु. 12,00,000

15%

रु. 12,00,001 से रु. 15,00,000

20%

15,00,000 रुपये से अधिक

30%

 

 क्या थी पुरानी टैक्स दर

-पहले वार्षिक 3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होता था।

-यदि आपकी आय 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये थी, तो 5 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होता था।

-सालाना 6 लाख रुपये से लेकर 9 लाख रुपये होने पर 10 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होता था।

-सालाना आय 9 लाख रुपये से लेकर12 लाख रुपये तक 15 फीसदी टैक्स दर तय थी। 

-यदि आपकी सालाना आय 12 लाख रुपये  से 15 लाख रुपये तक थी, तो आपको 20 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता था। 

कर स्लैब

दरें

 3,00,000 रुपये तक

शून्य

रु. 300,001 से रु. 6,00,000

5% (धारा 87ए के तहत कर छूट)

रु. 6,00,001 से रु. 900,000

10% (धारा 87ए के तहत 7 लाख रुपये तक कर छूट)

रु. 9,00,001 से रु. 12,00,000

15%

रु. 12,00,001 से रु. 1500,000

20%

15,00,000 रुपये से अधिक

30%

 

 

 

पुरानी कर व्यवस्था स्लैब

व्यक्तियों

निवासी वरिष्ठ नागरिक

निवासी सुपर वरिष्ठ नागरिक

(आयु < 60 वर्ष)

(60 वर्ष से अधिक किन्तु 80 वर्ष से कम)

(80 वर्ष और उससे अधिक)

2,50,000 रुपये तक

शून्य

शून्य

शून्य

2,50,001 रुपये से 3,00,000 रुपये

5%

शून्य

शून्य

3,00,001 रुपये से 5,00,000 रुपये तक

5%

5%

शून्य

5,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये

20%

20%

20%

10,00,000 रुपये से अधिक

30%

30%

30%

नहीं देना होगा अधिक टैक्स

वर्तमान में 10 लाख या इससे अधिक आय वाले लोगों पर 30 फीसदी का टैक्स लगाया जाता है, जो सरकार के खाते में जमा होता है। हालांकि, टैक्स स्लैब में नए प्रस्ताव के मुताबिक, 18 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को इसमें शामिल करने की बात कही गई है, जिससे लोगों को 30 फीसदी टैक्स का भुगतान न करना पड़े। 

क्यों दिया गया है टैक्स में बदलाव का प्रस्ताव

अब सवाल है कि आखिर टैक्स में बदलाव का प्रस्ताव क्यों दिया गया है। आपको बता दें कि लागत मुद्रास्फीती सूचकांक साल 2012-13 में  200 था, जो कि 2024-25 के लिए बढ़कर 363 तक पहुंच गया है। इन आंकड़ों में अंतर के लिए प्रमुख रूप से बढ़ती महंगाई भी जिम्मेदार है। इस वजह से पुराने टैक्स स्लैब में बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे बाजार संतुलन बना रहे।

वर्तमान में क्या है टैक्स स्लैब

वर्तमान में टैक्स स्लैब की बात करें, तो 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। वहीं, 5 से 10 लाख रुपये की इनकम पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। यदि किसी व्यक्ति की आय 10 लाख रुपये से अधिक होती है, तो उसे 30 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होता है। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jul 24, 2024, 20:17 IST

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