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Jagdeep Dhankhar In Hindi: कब तक था कार्यकाल और क्यों दिया इस्तीफा? किसान परिवार से उपराष्ट्रपति तक का सफर, देखें

Last Updated: Jul 22, 2025, 08:34 IST

Jagdeep Dhankhar Hindi: जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक रहने वाला था। राजस्थान के झुंझुनू के किसान परिवार से निकलकर वह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बने और फिर देश के 14वें उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचे।

अपने कार्यकाल के दौरान जगदीप धनखड़ ने संसद सर्वोच्चता के सिद्धांत को जोर-शोर से उठाया।
अपने कार्यकाल के दौरान जगदीप धनखड़ ने संसद सर्वोच्चता के सिद्धांत को जोर-शोर से उठाया।

Jagdeep Dhankhar In Hindi: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित पत्र में स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सकीय सलाह का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत अपने इस्तीफे की घोषणा की है।

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स्वास्थ्य को दी प्राथमिकता

धनखड़ ने अपने पत्र में लिखा —

“स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं।”

इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

राजनीतिक सफर और बड़ी जिम्मेदारियां

जगदीप धनखड़ ने 11 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।

  • उपराष्ट्रपति चुनाव (6 अगस्त 2022) में उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था।

  • उन्हें कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि मार्गरेट अल्वा को 182 वोट मिले।

  • उपराष्ट्रपति के रूप में वह राज्यसभा के सभापति भी थे।

  • इससे पहले वह 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे।

किसान परिवार से सुप्रीम कोर्ट तक

धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी की और इसके बाद चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में पढ़ाई की। उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने वहां जाने का विकल्प नहीं चुना। पेशे से वह सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता भी रहे।

संसद सर्वोच्चता के पैरोकार

अपने कार्यकाल के दौरान जगदीप धनखड़ ने संसद सर्वोच्चता के सिद्धांत को जोर-शोर से उठाया।

  • उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘मौलिक संरचना सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) पर भी सवाल खड़े किए।

  • कोलेजियम व्यवस्था पर उनकी तीखी टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ी प्रतिक्रियाएं दीं।

  • हाल ही में उन्होंने राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधेयकों पर कार्रवाई के लिए समयसीमा तय करने वाले फैसले का खुलकर विरोध किया और अनुच्छेद 142 को ‘न्यायिक परमाणु मिसाइल’ कहकर संबोधित किया।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Jul 22, 2025, 08:34 IST

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