रिजर्व बैंक 1 रुपये के नोट क्यों नहीं छापता है, जानें यह अनोखी वजह

Last Updated: Sep 26, 2026, 08:02 IST

भारत में नोट छापने का अधिकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पास है, लेकिन 1 रुपये का नोट रिजर्व बैंक नहीं छापता है। क्या है इसके पीछे की वजह, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

एक रुपये
एक रुपये

आपकी जेब में जितने भी नोट हैं, जरा उन्हें बाहर निकालकर देखिए, उन पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लिखा होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि रिजर्व बैंक 1 रुपये का नोट नहीं छापता है। यह नोट वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है, जिस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं। आखिर क्या है इसके पीछे की वजह, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।  

सिक्का निर्माण अधिनियम और कानूनी अंतर

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम (RBI Act), 1934 के अनुसार, RBI को 2 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के करेंसी नोट जारी करने का एकाधिकार प्राप्त है। लेकिन, 1 रुपये का नोट कानूनी रूप से एक 'नोट' नहीं, बल्कि एक 'सिक्का' माना जाता है। भारत के सिक्का अधिनियम के तहत 1 रुपये के नोट और सभी सिक्कों को छापने या ढालने का अधिकार केवल भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के पास है।

क्या होता है हस्ताक्षर का अंतर

यदि आप ध्यान से देखें, तो पाएंगे कि 2 रुपये या उससे बड़े सभी नोटों पर 'रिजर्व बैंक के गवर्नर' के हस्ताक्षर होते हैं और उस पर लिखा होता है ‘मैं धारक को... रुपये अदा करने का वचन देता हूं’। वहीं, 1 रुपये के नोट पर 'भारत सरकार'लिखा होता है और इस पर वित्त सचिवके हस्ताक्षर होते हैं।

'प्रॉमिसरी नोट' Vs 'मुद्रा का आधार'

RBI द्वारा जारी किए गए नोट दरअसल एक 'प्रॉमिसरी नोट'होते हैं, यानी RBI गवर्नर आपको उस मूल्य के भुगतान की गारंटी देता है। वहीं, 1 रुपये का नोट भारत की प्राथमिक या वास्तविक मुद्राका आधार माना जाता है। भारत सरकार 1 रुपये के नोट को संपत्ति या परिसंपत्ति यानि एसेट के रूप में जारी करती है, जिसके पीछे सरकार की देनदारी होती है। अन्य सभी बड़े नोट इस 1 रुपये के नोट या सिक्के के मूल्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।

क्या आती है छपाई की लागत 

एक व्यावहारिक और वित्तीय कारण इसकी छपाई की लागत भी है। 1 रुपये के कागजी नोट को छापने की लागत उसके वास्तविक मूल्य से अधिक आती है। साथ ही कागजी नोट जल्दी घिसकर खराब हो जाते हैं। इसी वजह से भारत सरकार और RBI ने 1 रुपये के नोटों की छपाई बहुत सीमित या लगभग बंद कर दी है और इसके स्थान पर 1 रुपये के सिक्के का उपयोग बढ़ाया गया है, क्योंकि सिक्के कई दशकों तक सुरक्षित रहते हैं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

... Read More
First Published: Sep 26, 2026, 08:02 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News