भारत में बीते कुछ वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में तेजी से ग्रोथ हुई है। बैंक में अब प्रतिदिन के कामकाज में मशीनों के माध्यम से तेजी पहुंची है। इस कड़ी में बीते कुछ दिनों पहले देश में पहला AI Banking वाला राज्य बना है। इस बैंक ब्रांच को फिजिकल के साथ-साथ डिजिटल बनाया गया है, जिससे इसे ‘फिजिटल’ नाम मिला है। क्या आप इस बैंक और राज्य के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत का पहला AI Banking वाला राज्य
भारत का पहला AI Banking वाला राज्य असम है। असम के गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा देश की पहली एआई-संचालित'फिजिकल+डिजिटल'बैंक शाखा का उद्घाटन किया गया था। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही असम एआई-आधारित आधुनिक बैंकिंग मॉडल की अगुवाई करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।
क्या है AI बैंकिंग मॉडल ?
'फिजिटल' शब्द Physicalऔर Digitalका संगम है। इस बैंक में काउंटर पर जाकर लाइन में खड़े होने या लंबे फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। यहां एआई-सक्षम सिस्टम, ऑटोमेटेड कियोस्क, स्मार्ट वेरिफिकेशन और एल्गोरिदम का उपयोग करके बैंकिंग प्रक्रियाओं को तुरंत निपटाया जाता है। एआई तकनीक के साथ-साथ ग्राहकों की मदद के लिए बैंक कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं, जिससे तकनीक न जानने वाले लोग भी आसानी से सेवाएं प्राप्त कर सकें।
एआई बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं
-खाता खोलना (KYC), क्रेडिट कार्ड, लोन अप्रूवल और फंड ट्रांसफर जैसे काम एआई की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरी तरह कागज-रहित हो जाते हैं।
-एआई सिस्टम असमिया और अन्य स्थानीय बोलियों और भाषाओं को समझकर ग्राहकों के सवालों का जवाब देता है।
-छोटे व्यापारियों, युवाओं और उन लोगों तक जिम्मेदार क्रेडिट पहुंचाना, जिनकी पहुंच अब तक पारंपरिक बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित थी।
-एआई तकनीक रियल टाइम में संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करके बैंकिंग फ्रॉड से सुरक्षा प्रदान करती है।
पूर्वोत्तर और असम के लिए इसका महत्त्व
असम राज्य ई-गवर्नेंस, पेपरलेस ऑफिस और ऑटोमेशन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहा है। गुवाहाटी से शुरू हुई यह पहल पूर्वोत्तर को देश की सबसे आधुनिक बैंकिंग और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी से सीधे जोड़ती है।
-छोटे व्यवसायों और नए उद्यमियों को बिना झंझट के आसान क्रेडिट मिलना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम है।
