दुनिया का पहला रेलवे स्टेशन कौन-सा है, यहां जानें
आपने भारत के पहले रेलवे स्टेशन के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला रेलवे स्टेशन कौन-सा है, जहां से रेलवे ने अपना शुरुआती सफर शुरू किया था। कौन-सा है यह रेलवे स्टेशन, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
वर्तमान में रेलवे आधुनिकता का दौर जी रही है। समय के साथ-साथ दुनियाभर में रेलवे का विकास हुआ और रेलवे का कायाकल्प होता रहा। दुनिया का पहला रेलवे स्टेशन इंग्लैंड में मौजूद है। इंग्लैंड को आधुनिक रेलवे का घर कहा जाता है, जहां रेलवे के विकास के पहिये ने तेजी से रफ्तार भरी और दुनियाभर में रेलवे की आधुनिक तकनीकों को पहुंचाया। इस लेख में हम जानेंगे कि दुनिया का पहला रेलवे स्टेशन कौन-सा है।
दुनिया में कुल रेलवे स्टेशन
दुनियाभर में कुल रेलवे स्टेशनों की संख्या में लगातार परिवर्तन होता रहता है। ऐसे में इसका सटीक आंकड़ा बताना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन यदि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर गौर करें, तो दुनियाभर में कुल रेलवे स्टेशन की संख्या 40,000 से अधिक है। इसमें से अकेले भारत में ही करीब 8000 रेलवे स्टेशन मौजूद हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 13 हजार पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं।
दुनिया का सबसे पहला रेलवे स्टेशन
दुनिया के सबसे पहले रेलवे स्टेशन की बात करें, तो यह इंग्लैंड के मैनचेस्टर में स्थित लिवरपूल रोड स्टेशन है।
कब चालू हुआ था रेलवे स्टेशन
लिवरपूल रोड स्टेशन को 15 सितंबर, 1830 को लिवरपूल और मैनचेस्टर रेलवे के हिस्से के रूप में खोला गया था। यह उस समय दुनिया की पहली अंतर-शहरी रेलवे सेवा हुआ करती थी, जिसका संचालन भाप के इंजन द्वारा किया जाता था।
माल ढुलाई के लिए बनाया गया रेलवे स्टेशन
इस रेलवे स्टेशन का निर्माण प्रमुख रूप से लिवरपूल बंदरगाह से लेकर मैनचेस्टर तक कपास व अन्य उत्पादों की ढुलाई के लिए किया गया था। बाद में स्टेशन पर यात्री सेवा को जोड़ा गया।
रेलवे के जनक ने तैयार किया था डिजाइन
लिवरपूर रोड रेलवे लाइन का डिजाइन रेलवे के जनक कहे जाने वाले जॉर्ज स्टीफेंस ने तैयार किया था। स्टीफेंस का प्रसिद्ध लोकोमोटिव ‘रॉकेट’ भी इस रेलवे लाइन पर दौड़ा था। इस लोकोमोटिव ने रेलवे के शुरुआती विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
1975 में बंद हुआ परिचालन
इंग्लैंड के इस रेलवे स्टेशन ने कई सालों तक अपनी सेवाएं दी और कई यात्रियों ने यहां से सफर किया। हालांकि, साल 1975 में इस रेलवे स्टेशन को ब्रिटिश सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। इसके बाद से यह स्टेशन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों के साथ अंकित रह गया।
अब किस उपयोग में है रेलवे स्टेशन
वर्तमान में लिवरपूर रोड रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल विज्ञान और उद्योग संग्राहलय के रूप में किया जाता है। आपको यह भी बता दें कि इस इमारत को अब दुनिया की सबसे पुरानी बची हुई इमारतों में से एक इमारत के रूप में भी जाना जाता है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं, जो कि इस भव्य इमारत को कैमरे में कैद करना नहीं भूलते हैं।
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