एशिया में कई बड़े शहर हैं, जिनमें कई बड़ी-बड़ी रिहायशी कॉलोनियां मौजूद हैं। इनमें यदि सबसे बड़ी कॉलोनी की बात करें, तो यह भारत के एक शहर में मौजूद हैं। यह सबसे बड़ी सुनियोजित आवासीय सब-सिटी है। इसे पुराने समय में पप्पनकलां नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदल गया है। इस लेख में हम इस सबसे बड़ी कॉलोनी के बारे में विस्तार से जानेंगे।
एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी
एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी की बात करें, तो दिल्ली सरकार के दक्षिण-पश्चिम जिले की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबकि, द्वारका को सबसे बड़ी कॉलोनी होने का दर्जा प्राप्त है। यह एक Integrated Sub-city है, जिसकी एशिया की सबसे बड़ी Planned Residential Sub-city के रूप में पहचान होती है।
1980 में बनाई थी योजना
दिल्ली में 1980 के दशक में बढ़ती आबादी को देखते हुए जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए DDA ने एक स्मार्ट सब-सिटी के रूप में द्वारका की योजना तैयार की थी। उस समय इसे पप्पनकलां के नाम से जाना जाता था, जो कि बाद में द्वारका हो गया।
क्या था द्वारका का विकास का मॉडल
द्वारका को एक आत्मनिर्भर शहर के रूप में विकसित किया गया था। यहां रिहायशी कॉलोनियों से लेकर कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और मनोरंजक जोन विकसित किए गए थे।
कितनी बड़ी है द्वारका कॉलोनी
द्वारका कॉलोनी करीब 14,000 एकड़ में फैली हुई है। इसमे कुल 29 सेक्टर्स हैं, जहां की सड़कें ग्रिड पैटर्न पर बनी हुई हैं। इससे यातायात सामान्य रहता है और जाम की समस्या नहीं रहती है।
द्वारका की सबसे बड़ी ताकत क्या है
द्वारका की सबसे बड़ी ताकत यहां की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी है। यह इलाका दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से जुड़ा हुआ है। वहीं, यहां ऑरेंज लाइन की भी कनेक्टिविटी है, जो कि एयरपोर्ट लाइन है। इसके अलावा भारत का पहला 8-लेन एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे भी है, जो कि द्वारका को गुरुग्राम से जोड़ता है और आगे यह दिल्ली-जयपुर हाईवे से भी जुड़ा हुआ है। द्वारका के पास ही इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा भी है।
यशोभूमि से है पहचान
आपको बता दें कि द्वारका के सेक्टर 25 में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर है, जिसे यशोभूमि भी कहा जाता है। यह भारत और एशिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटरों में से एक है। इसके अलावा यहां गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) का मुख्य कैंपस, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) भी है।
