किस वर्ष बना था भारत का पहला वेतन आयोग, जब 55 रुपये थी बेसिक सैलरी

Last Updated: Sep 27, 2026, 14:03 IST

इन दिनों भारत में केंद्रीय वेतन आयोग चर्चाओं में बना है। अभी तक 7वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन निर्धारित किया गया है, जिसके बाद 8वां वेतन आयोग लागू होना है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि 1946 में देश का पहला वेतन आयोग बना था। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

पहला वेतन आयोग
पहला वेतन आयोग

भारत का पहला केंद्रीय वेतन आयोग आजादी से ठीक पहले मई 1946 में गठित किया गया था। इस आयोग की अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस श्रीनिवास वरादाचारियर ने की थी। आयोग ने अपनी रिपोर्ट मई 1947 में पेश की थी, जिसे सरकार ने लागू कर दिया था। इस लेख में हम पहला वेतन आयोग बनने की पूरी कहानी जानेंगे।

इस सिद्धांत पर बना था पहला वेतन आयोग

पहला वेतन आयोग 'लिविंग वेज' के सिद्धांत पर आधारित था। आयोग का मानना था कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को इतना वेतन तो मिलना चाहिए, जिससे वह अपने और अपने परिवार का सम्मानजनक भरण-पोषण कर सके।

इतना तय हुआ था बेसिक वेतन

प्रथम वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन 30 रुपये प्रति माह तय किया गया था। बेसिक वेतन के अलावा 25 रुपये प्रति माह का महंगाई भत्ता भी शामिल किया गया था। इस प्रकार एक सरकारी कर्मचारी का कुल न्यूनतम वेतन 55 रुपये प्रति माह निश्चित हुआ था।

Class-3 कर्मचारियों का वेतन

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बेसिक 10 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये किया गया था, वहीं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए शुरुआती बेसिक वेतन 60 रुपये प्रति माह निर्धारित था।

आयोग की प्रमुख सिफारिशें 

-पहले वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों और टॉप अधिकारियों के वेतन अंतर को कम करना था। उस समय अधिकतम मूल वेतन 2,000 प्रति माह तय किया गया था। 

-बढ़ती मुद्रास्फीति और जीवन जीने के खर्च से कर्मचारियों को राहत देने के लिए नियमित रूप से 'महंगाई भत्ता' देने की परंपरा इसी आयोग से मजबूत हुई थी।

-आयोग ने इस्लिंगटन कमीशन की रिपोर्ट से प्रेरणा लेते हुए यह साफ किया था कि किसी भी परिस्थिति में न्यूनतम वेतन जीवन-यापन के खर्च से कम नहीं होना चाहिए।

-1946 में निर्धारित हुआ 55 रुपये का यह न्यूनतम वेतन आज के 7वें वेतन आयोग में 18,000 हो चुका है। प्रथम वेतन आयोग ने ही आधुनिक भारत के प्रशासनिक ढांचे में कर्मचारियों के अधिकारों और वेतन संरचना की मजबूत आधारशिला रखी थी। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 27, 2026, 14:03 IST

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