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पेटेंट किसे कहते हैं और यह कैसे प्राप्त किया जाता है?

पेटेंट एक अधिकार है जो किसी व्यक्ति या संस्था को किसी बिल्कुल नई सेवा,तकनीकी, प्रक्रिया, उत्पाद या डिज़ाइन के लिए प्रदान किया जाता है ताकि कोई उनकी नक़ल नहीं तैयार कर सके. दूसरे शब्दों में पेटेंट एक ऐसा कानूनी अधिकार है जिसके मिलने के बाद यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी उत्पाद को खोजती या बनाती है तो उस उत्पाद को बनाने का एकाधिकार प्राप्त कर लेती है.
Aug 30, 2017 11:08 IST
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Patent stamp
Patent stamp

भारतीय पेटेंट कार्यालय को पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेड मार्क्स (सीजीपीडीटीएम) के नियंत्रक जनरल के कार्यालय द्वारा प्रशासित किया जाता है. इसका मुख्यालय कोलकाता में है और यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आदेशानुसार काम करता है.
पेटेंट किसे कहते हैं?
पेटेंट एक अधिकार है जो किसी व्यक्ति या संस्था को किसी बिल्कुल नई सेवा,तकनीकी, प्रक्रिया, उत्पाद या डिज़ाइन के लिए प्रदान किया जाता है ताकि कोई उनकी नक़ल नहीं तैयार कर सके. दूसरे शब्दों में पेटेंट एक ऐसा कानूनी अधिकार है जिसके मिलने के बाद यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी उत्पाद को खोजती या बनाती है तो उस उत्पाद को बनाने का एकाधिकार प्राप्त कर लेती है.
यदि पेटेंट धारक के अलावा कोई और व्यक्ति या संस्था इसी उत्पाद को बनाती है तो यह गैरकानूनी होगा और यदि पेटेंट धारक ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी तो पेटेंट का उल्लंघन करने वाला कानूनी मुश्किल में पड़ जायेगा. लेकिन यदि कोई इस उत्पाद को बनाना चाहता है तो उसे पेटेंट धारक व्यक्ति या संस्था से इसकी अनुमति लेनी होगी और रॉयल्टी देनी होगी.

वर्तमान में विश्व व्यापार संगठन ने पेटेंट लागू रहने की अवधि 20 वर्ष कर दी है जो कि पहले हर देश में अलग अलग होती थी.

patent in india
image source:yahoo.com
 पेटेंट दो प्रकार का होता है
1. उत्पाद पेटेंट (Product Patent)
2. प्रक्रिया पेटेंट (Process Patent)
1. उत्पाद पेटेंट (Product Patent): इसका मतलब यह है कि कोई व्यक्ति या संस्था किसी उत्पाद की हूबहू नकल का उत्पाद नही बना सकती है अर्थात दो उत्पादों की डिज़ाइन एक जैसी नही हो सकती है. यह अंतर उत्पाद की पैकिंग,नाम, रंग, आकार और स्वाद आदि का होता है. यही कारण है कि आपने बाजार में बहुत प्रकार के टूथपेस्ट देखे होंगे लेकिन उनमे से किसी भी दो कम्पनी के उत्पाद एकदम एक जैसे नही देखे होंगे. ऐसा उत्पाद पटेंट के कारण ही होता है.

different toothpastes
image source:google.co.in
2. प्रक्रिया पेटेंट (Process Patent): इसका संबंध नई प्रौद्योगिकी से है. किसी भी नई तकनीकी पर भी पेटेंट लिया जा सकता है. इस प्रकार के पेटेंट का मतलब यह होता है किसी भी व्यक्ति या संस्था किसी उत्पाद को बनाने के लिए उसी प्रक्रिया/तकनीकी से उत्पाद को नही बना सकता जिस प्रक्रिया से किसी उत्पाद को पहले ही किसी कम्पनी द्वारा बनाया जा चुका है. अर्थात प्रक्रिया पेटेंट में किसी उत्पाद को बनाने की विधि को चोरी नही किया जा सकता है.
पेटेंट कैसे प्राप्त किया जाता है?
प्रत्येक देश में पेटेंट कार्यालय होता हैं. अपने उत्पाद या तकनीकी पर पेटेंट लेने के लिए पेटेंट कार्यालय में अर्ज़ी दें और साथ ही अपनी नई खोज का ब्यौरा दें. उसके बाद पेटेंट कार्यालय उसकी जांच करेगा और अगर वह उत्पाद या तकनीकी या विचार नया है तो पेटेंट का आदेश जारी कर देगा. यहाँ पर यह बात जाननी बहुत जरूरी है कि किसी उत्पाद या सेवा के लिए लिया गया पेटेंट सिर्फ उसी देश में लागू होगा जहाँ पर इसका पेटेंट कराया गया है. अगर अमरीका या किसी और देश में कोई व्यक्ति भारत में पेटेंट किए उत्पाद या सेवा की नकल बनाएगा तो उसे उलंघन नहीं माना जाता. इसी प्रकार भारत में पेटेंट कराने वाली कम्पनी यदि इसी उत्पाद या सेवा का पेटेंट अमेरिका या किसी अन्य देश में भी एकाधिकार चाहती है तो उसे उस देश के पेटेंट कार्यालय में अलग से आवेदन देना होगा.

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