उत्तराखंड का सबसे पश्चिमी जिला कौन-सा है, जानें यहां

Last Updated: Sep 20, 2026, 11:06 IST

उत्तराखंड राज्य का गठन उत्तर प्रदेश से अलग कर किया गया था। यह भारत का 27वां राज्य है, जो कि अपने सुंदर प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। इस कड़ी में यहां अलग-अलग जिले हैं। इस लेख में हम उत्तराखंड के सबसे पश्चिमी जिले के बारे में जानेंगे।

उत्तराखंड जीके
उत्तराखंड जीके

भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तराखंड का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य अपने सुंदर प्राकृतिक नजारें और ऊंची पर्वत चोटियों के लिए जाना जाता है। राज्य का गठन नवंबर,2000 में उत्तर प्रदेश से अलग कर किया गया था। राज्य में अलग-अलग जिले हैं, हालांकि क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड का सबसे पश्चिमी जिला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

उत्तराखंड का सबसे पश्चिमी जिला

उत्तराखंड का सबसे पश्चिमी जिला देहरादून है। यह गढ़वाल मंडल में स्थित है और उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी होने के साथ-साथ राज्य का सबसे प्रमुख प्रशासनिक और शैक्षणिक केंद्र है।

जिले की भौगोलिक स्थिति और सीमाएं

देहरादून जिला शिवालिक पहाड़ियों और मध्य हिमालय के बीच स्थित 'दून घाटी' में बसा हुआ है। इसकी सीमाएं तीन पड़ोसी राज्यों और उत्तराखंड के तीन आंतरिक जिलों को छूती हैं।

जिले के पड़ोसी राज्य

-देहरादून उत्तर-पश्चिम में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों को छूता है। यमुना और टोंस नदियां हिमाचल प्रदेश और देहरादून के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती हैं।

-यह जिला दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से सटा हुआ है।

-यमुना नदी के किनारे स्थित आसन बैराज क्षेत्र में यह हरियाणा के यमुनानगर जिला के साथ छोटी सीमा साझा करता है।

-पूर्व में देहरादून पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल व उत्तर में उत्तरकाशी से लगता है।

क्या है देहरादून का इतिहास 

1676 ई. में सिख गुरु राम राय ने पंजाब से आकर इस घाटी में अपना 'डेरा' डाला था। दून घाटी में डेरा डालने के कारण इस स्थान का नाम 'देहरादून' पड़ा। वहीं, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां महर्षि द्रोणाचार्य का आश्रम था, जिस कारण इस क्षेत्र को 'द्रोण नगरी' भी कहा जाता है। भगवान राम और लक्ष्मण ने रावण वध के बाद देहरादून क्षेत्र में तपस्या की थी। 1815 में सुगौली की संधि के बाद अंग्रेजों ने गोरखाओं को हराकर देहरादून पर नियंत्रण किया और इसे उत्तर-पश्चिम प्रांत का हिस्सा बनाया।

देहरादून का प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र और नदियां

-देहरादून जिले का उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र जनजाति बहुल है। यहां चक्रौता स्थित है, जिसे 'पहाड़ों का राजा' और शांत पर्वतीय स्थल माना जाता है।

-देहरादून शहर से लगभग 35 किमी दूर स्थित विश्व प्रसिद्ध हिल स्टेशन मसूरी है, जिसे 'पहाड़ों की रानी' कहा जाता है।

-गंगा और यमुना यहां की प्रमुख नदियां हैं। टोंस, असन, सोंग और सुसवा नदियां इसकी सहायक नदियां हैं।

देहरादून में राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान 

देहरादून को भारत की 'स्कूल कैपिटल' और प्रमुख अनुसंधान केंद्रों का शहर माना जाता है। यहां कुछ प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैंः

-भारतीय सैन्य अकादमी 

-वन अनुसंधान संस्थान 

-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान।

-तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम का मुख्यालय।

-भारत का सबसे पुराना वैज्ञानिक विभाग यानि कि सर्वे ऑफ इंडिया भी यहां है, जिसकी स्थापना 1767 में हुई थी।

-हिमालयी भूविज्ञान संस्थान

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 20, 2026, 11:06 IST

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