RBI Repo Rate: क्या बढ़ने वाली है आपके लोन की EMI? RBI की MPC बैठक में क्या हो सकते है फैसले, देखें अपडेट

RBI Repo Rate Hike: 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में रेपो रेट 0.25% बढ़ने का अनुमान है। अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45% थी।  

Oct 4, 2026, 11:15 IST
RBI क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?
RBI क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?

RBI Repo Rate Hike Hind: यदि आपने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर में ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है। देश में महंगाई बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचाई पर हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या RBI रेपो रेट बढ़ाकर कर्ज महंगा करने वाला है?

बता दें कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला RBI ही करेग, चलिए खबर पर विस्तार से नजर डालते है। 

RBI क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ा कारण महंगाई का बढ़ता दबाव है। अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और खाद्य वस्तुओं के महंगे होने की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी है।

बैंक ऑफ अमेरिका (BoA) का अनुमान है कि इन स्थिति को देखते हुए RBI अक्टूबर की बैठक में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। पहले यह फैसला दिसंबर में होने की उम्मीद थी, लेकिन बदलते आर्थिक हालात के कारण इसे पहले लिया जा सकता है। SBI रिसर्च ने भी अपनी रिपोर्ट में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका जताई है।

कच्चे तेल और खाद्य महंगाई ने बढ़ाई चिंता

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आम इस्तेमाल की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

वहीं BNP पारिबा के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से भारत का आर्थिक माहौल चुनौतीपूर्ण हुआ है।

नोमुरा ने कितनी बढ़ोतरी का जताया अनुमान?

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि RBI मौजूदा साइकिल में ब्याज दरों में कुल 25 से 50 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी कर सकता है। 

रेपो रेट बढ़ने से EMI पर क्या होगा असर?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए कर्ज देता है। इसके बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। इसका असर ग्राहकों के लोन पर भी पड़ सकता है। खासकर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन की EMI बढ़ सकती है या लोन चुकाने की अवधि लंबी हो सकती है।

फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी?

RBI ने 2025 में रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट यानी 1.25 फीसदी की कटौती की थी। फिलहाल यह दर 5.25 फीसदी है। अगर अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होती है, तो रेपो रेट 5.50 फीसदी हो जाएगा। ऐसा फरवरी 2023 के बाद पहली बार होगा।

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Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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