एशिया का इकलौता शहर, जिसकी GDP के आगे फीके पड़ जाते हैं कई बड़े देश
दुनिया के अलग-अलग देशों में हमें अलग-अलग शहर देखने को मिलते हैं। इनमें कुछ बड़े शहर एशिया महाद्वीप में भी स्थित हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एशिया का वह इकलौता शहर कौन-सा है, जिसकी GDP के आगे फीके पड़ जाते हैं कई बड़े देश, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
दुनिया में कुल 7 महाद्वीप हैं। इनमें जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा महाद्वीप एशिया है। आपने एशिया के अलग-अलग शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा, जो कि अपनी आधुनिकता और गगनचुंबी इमारतों के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, क्या आप एशिया के उस इकलौते शहर के बारे में जानते हैं, जिसकी GDP के आगे कई बड़े देश फीके पड़ जाते हैं ? यदि आप यह नहीं जानते हैं, तो इस लेख में हम एशिया के इस शहर के बारे में विस्तार से जानेंगे।
एशिया में सबसे बड़ी जी़डीपी
एशिया का सबसे बड़ा शहर जापाना का टोक्यो है। आबादी के लिहाज से टोक्यो न केवल एशिया, बल्कि पूरे दुनिया का सबसे बड़ा महानगर क्षेत्रहै। अगर हम शहर की सीमा और भौगोलिक क्षेत्रफल की बात करें, तो चीन का चोंगकिंगक्षेत्रफल के हिसाब से एशिया का सबसे बड़ा शहर माना जाता है।
कितनी है टोक्यो की GDP
ग्रेटर टोक्यो एरिया यानि टोक्यो और उसके आसपास के सैटेलाइट शहर जैसे योकोहामा, कावासाकी और चिबा की कुल आबादी लगभग 3.7 से 3.8 करोड़ है। टोक्यो की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे मजबूत शहरी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP) कई विकसित देशों की कुल अर्थव्यवस्था से भी बड़ा है।
इसकी जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर से लेकर 2.55 ट्रिलियन डॉलर तक है। टोक्यो महानगरीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब और तुर्की जैसे समृद्ध देशों की कुल राष्ट्रीय जीडीपी से भी बड़ी है।
टेक्नोजलॉजी के लिए जाना जाता है टोक्यो
टोक्यो अपनी आधुनिक बुलेट ट्रेनों, रोबोटिक्स और दुनिया के सबसे व्यस्त व बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए जाना जाता है। टोक्यो का शिंजुकु रेलवे स्टेशन दुनिया का सबसे व्यस्त स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन लगभग 35 से 40 लाख यात्री गुजरते हैं।
टोक्यों का इतिहास
1868 से पहले टोक्यो को 'एदो' के नाम से जाना जाता था। यह एक छोटा सा मछुआरों का गांव हुआ करता था। जब जापानी सम्राट ने अपनी राजधानी कियोटो से स्थानांतरित की, तो इस शहर का नाम बदलकर 'टोक्यो' रखा गया, जिसका जापानी भाषा में अर्थ होता ‘पूर्वी राजधानी’ होता है
क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा शहर है चोंगकिंग
प्रशासनिक रूप से चोंगकिंग नगरपालिका का क्षेत्रफल लगभग 82,400 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्रफल में लगभग ऑस्ट्रिया या दक्षिण कोरिया जैसे पूरे देश के बराबर है। इस शहर को लेकर खास बात यह है कि यह शहर पहाड़ और यांग्त्जी नदी के संगम पर बसा है। अपनी अनूठी 3D-आर्किटेक्चर, पुलों और गगनचुंबी इमारतों के लिए इसे दुनिया भर में 'साइबरपंक सिटी' या '3D सिटी' के नाम से जाना जाता है।
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