साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज यानि कि 12 अगस्त, 2026 को लगने जा रहा है। यह ग्रहण बस कुछ ही घंटों में शुरू होने वाला है। ऐसे में ग्रहण को लेकर सूतक काल का समय सुबह 9 बजकर 6 मिनट से शुरू हो चुका है। इस बार का सूर्यग्रहण खास चर्चाओं में है, क्योंकि यह 18 साल बाद है, जब सावन के मौके पर सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। इस लेख में हम सूर्य ग्रहण का समय और इसकी स्थिति के बारे में जानेंगे।
18 साल बाद बन रहा है संयोग
इस बार का सूर्य ग्रहण खास है, क्योंकि यह 18 साल बाद है, जब सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण एक महीन में पड़ रहे हैं। इस कड़ी में 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण है, जबकि 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इससे पहले ऐसी स्थिति साल 2008 में हुई थी। उस समय 1 अगस्त को अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और 17 अगस्त को पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण हुआ था। ऐसे में 2026 का सावन खगोलीय घटनाओं की वजह से खास माना जा रहा है।
कब से कब तक है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण को अमावस्या के दिन है, जो कि 12 अगस्त, 2026 को है। पांचांग के मुताबिक, अमावस्या रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। ऐसे में ग्रहण की शुरुआत भी अमावस्या के मौके पर ही हो रही है, जबकि यह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण की अवधि तब शुरू होती है, जब चंद्रमा सूर्य के आगे से गुजरना चालू करता है और धीरे-धीरे इससे दूर हटता जाता है। यह पूरी अवधि 1 घंटा 45 मिनट की रहेगी।
क्या भारत में दिखाई देगा ग्रहण
आपको बता दें कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में यहां पर सूतक काल मान्य नहीं नहीं है। हालांकि, हिंदू धर्म में इस दिन दान देने की परंपरा है।
किन देशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
अमावस्या पर लगने वाला सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में नजर आ सकता है। इसके अलावा सूर्य ग्रहण की झलक चिली और अर्जेंटीना में भी दिखाई दे सकती है।
