नेपाल में रविवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई मकान बह गए। इसके बाद नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
अब इस बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश में पड़ने की आशंका जताई जा रही है। करीब 45 दिन बाद महराजगंज और कुशीनगर में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग भी अलर्ट हो गया है। अनुमान है कि रविवार रात तक बाढ़ का पानी बैराज के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
नेपाल में कैसे आई अचानक बाढ़?
नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक पानी बढ़ने से हड़कंप मच गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 4:35 बजे बाढ़ की सूचना मिली थी। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 के ऊपरी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार , भूस्खलन के कारण चुमके खोला नामक जलधारा का रास्ता बाधित हो गया। इससे पानी का दबाव बढ़ा और अचानक बाढ़ आ गई।
लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर गोरखा जिले के जगत क्षेत्रों में देखने को मिला। अधिकारियों के अनुसार, नदी के किनारे बने पांच से सात मकान बह गए। आशंका है कि निचले क्षेत्रों में कुछ अन्य मकान भी बाढ़ की चपेट में आए हों। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार, अब तक किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने सुबह करीब 6:40 बजे मोबाइल पर अलर्ट भेजकर लोगों को नदी से दूर रहने और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की सलाह दी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए भी लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
महराजगंज और कुशीनगर में क्यों बढ़ा खतरा?
नेपाल में आई बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासतौर पर महराजगंज और कुशीनगर में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल से आने वाला पानी इन इलाकों में बाढ़ का कारण बन सकता है।
सिंचाई विभाग ने नेपाल के नवलपरासी जिले में स्थित बैराज पर अलर्ट घोषित किया है। अनुमान है कि रविवार रात तक पानी बैराज के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
यूपी में कितना होगा बाढ़ का असर?
फिलहाल उत्तर प्रदेश में बड़े नुकसान की आशंका कम जताई जा रही है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि नेपाल में आई बाढ़ के पानी में गाद और मिट्टी की मात्रा अधिक है। हालांकि, वास्तविक स्थिति पानी के बहाव और जलस्तर पर निर्भर करेगी।
ऐसे में सीमावर्ती इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
