भारत की सबसे बड़ी रामसर साइट किस राज्य में है, जानें यहां
भारत में वर्तमान में 101 रामसर साइट हैं। इनमें सबसे अधिक तमिलनाडू में हैं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। इस लेख में हम भारत की सबसे बड़ी रामसर साइट के बारे में जानेंगे।
भारत में आपने अलग-अलग रामसर साइट के बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में कुल 101 रामसर साइट हैं। इनमें सबसे अधिक तमिलनाडू में रामसर साइट हैं, जबकि दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। इस लेख में हम भारत की सबसे बड़ी रामसर साइट के बारे में जानेंगे। कौन-सी है यह रामसर साइट और किस राज्य में है स्थित, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
भारत की सबसे बड़ी रामसर साइट कौन-सी है
भारत की सबसे बड़ी रामसर साइट सुंदरवन आर्द्रभूमि है। क्षेत्रफल की हिसाब से यह सबसे बड़ी रामसर साइट है। पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित सुंदरवन आर्द्रभूमि को 30 जनवरी 2019 को भारत की 27वीं रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। यह दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रोव वन पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है।
सुंदरवन का भौगोलिक विस्तार
सुंदरवन की यह भूमि लगभग 4,23,000 हेक्टेयरके बड़े क्षेत्र में फैली हुई है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी आद्रभूमि और रामसर साइट बनाती है। यह डेल्टा क्षेत्र गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के मुहाने पर बंगाल की खाड़ी के पास पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में स्थित है।
सुंदरवन की अंतरराष्ट्रीय सीमा
सुंदरवन का कुल भौगोलिक क्षेत्र भारत और बांग्लादेश दोनों में फैला हुआ है, जिसमें से लगभग 40% हिस्सा भारत में और 60% हिस्सा बांग्लादेश में आता है।
सुंदरवन की जैव विविधता
सुंदरवन दुनिया का एकमात्र ऐसा मैंग्रोव जंगल है, जहां Royal Bengal Tiger पाए जाते हैं। यहां के शेर खारे पानी में तैरने और शिकार करने के लिए जाने जाते हैं। भारत के कुल मैंग्रोव कवर का 60% से अधिक हिस्सा केवल सुंदरवन में है। यहां 'सुंदरी' पेड़ों की अधिकता पाई जाती है, जिसके नाम पर इसका नाम 'सुंदरवन' पड़ा है। यह आर्द्रभूमि कई संकटग्रस्त और दुर्लभ जीवों का घर है, जैसे कि इरावाड़ी डॉल्फिन, उत्तरी नदी टेरापिन, साल्टवॉटर क्रोकोडाइल और फिशिंग कैट आदि।
सुरक्षा करने में महत्त्वपूर्ण
यह बड़ा मैंग्रोव दलदल बंगाल की खाड़ी से उठने वाले बड़े चक्रवातों, सुनामी और समुद्री तूफानों के प्रभाव को सोखकर पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों और कोलकाता शहर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है। रामसर साइट घोषित होने के अलावा, सुंदरवन को 1987 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलऔर 1989 में बायोस्फीयर रिजर्व भी घोषित किया गया था।
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