Gandhi Jayanti 2026: सत्य-अहिंसा के प्रतीक महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जानें उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैक्ट्स

Last Updated: Oct 1, 2026, 18:23 IST

Gandhi Jayanti 2026 History: महात्मा गांधी की 157वीं जयंती 2 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। उनके जीवन का इतिहास, अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस का महत्व और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक आंदोलन।   

Gandhi Jayanti 2026 157th Birth Anniversary
Gandhi Jayanti 2026 157th Birth Anniversary

Gandhi Jayanti 2026: हर साल 2 अक्टूबर का दिन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बेहद खास और प्रेरणा दायक से भरा दिन होता है। इस दिन यानी 2 अक्टूबर को हर साल भारत अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाता है। गांधी जी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि सत्य, अहिंसा, त्याग और दृढ संकल्प का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया है।

समानता, शांति, और मानवता के प्रति गांधी जी के विचारों ने न केवल भारत को आजादी दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा भी दिखाई। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती इस साल शुक्रवार 2 अक्टूबर, 2026 को पूरे भारत में गांधी जयंती के रूप में मनाई जाएगी। इस दिन प्रार्थना सभाओं, श्रद्धांजलि सभाओं और स्मारक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है, जबकि संयुक्त राष्ट्र इस डेट को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाता है।

Why does India observe October 2 as a Gandhi Jayanti?

2 अक्टूबर का दिन भारत में राष्ट्रीय पर्व यानी National Holiday के रूप में मनाया जाता है। इसका कारण बहुत स्पष्ट और ऐतिहासिक है:

  • जन्मदिन का अवसर: 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। इसी पावन तारीख की स्मृति में हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है।
  • अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence): महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों को वैश्विक सम्मान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UN General Assembly ने 15 जून 2007 को एक प्रस्ताव पारित किया था। इसके अंदर हर साल 2 अक्टूबर को पूरी दुनिया में 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है।

गांधी जयंती का महत्व और 2026 का विशेष संदर्भ 

इस साल यानी 2026 में भारत महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मना रहा है। गांधी जयंती का महत्व केवल बापू को याद करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके द्वारा दिए गए सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का भी संकल्प लेने का दिन है। सभी छात्र नीचे से उनके महत्व को जानें। 

  1. सत्य और अहिंसा का संदेश: बापू ने यह सिद्ध कर दिखाया कि बिना हथियार उठाए भी दुनिया की सबसे बड़ी ताकत यानी ब्रिटिश साम्राज्य को घुटने टेकने पर मजबूर किया जा सकता है।
  2. स्वच्छता और आत्मनिर्भरता: गांधी जी का मानना था कि ‘स्वच्छता ईश्वर भक्ति के समान है’ उन्होंने बाहर की वस्तुओं के उपयोग और खुद पर निर्भर रहने का संदेश दिया है, जो आज के 'मेक इन इंडिया' और 'स्वच्छ भारत अभियान' का ओरिजनल आधार है।
  3. सामाजिक समानता: उन्होंने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी तथा समाज के वंचित वर्ग को 'हरिजन' नाम देकर उनका सम्मान बढ़ाया।

गांधी जयंती 2026 का महत्व और थीम (Significance and Theme)

गांधी जयंती का महत्व केवल इतिहास के पन्नों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज के दौर में भी विषय बन गया है।

Gandhi Jayanti 2026 Special मुख्य बिंदु और थीम:

अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस: 2 अक्टूबर को पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता हैं।

थीम और संदेश: गांधी जयंती 2026 की मुख्य थीम ‘सत्य, अहिंसा, शांति और आत्मनिर्भरता’ (Truth, Non-Violence, Peace and Self-Reliance) के सिद्धांतों पर केंद्रित करता है। यह संदेश आधुनिक युग में पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ जीवनशैली और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

Gandhi Jayanti 2026 की श्रद्धांजलि कहां दी जाती है?

राजघाट पर श्रद्धांजलि: Gandhi Jayanti 2026 की श्रद्धांजलि हर साल 2 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली स्थित उनके समाधि स्थल 'राजघाट' पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति प्रार्थना सभा में भाग लेकर बापू को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। इसी तरीके से Gandhi Jayanti 2026 पर बापू को श्रद्धांजलि दी जाती है। 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का योगदान 

1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधी जी ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की पूरी दिशा ही बदल दी थी। उन्होंने आम जनता को देश को आजाद करना के लिए आजादी की लड़ाई से जोड़ा था। साथ ही, उनके नेतृत्व में चलाए गए मुख्य आंदोलन भी इस प्रकार निम्नलिखित हैं:

1. चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह (1917-1918)

भारत में बापू का पहला सफल सत्याग्रह बिहार के चंपारण में नील किसानों के अधिकारों के लिए था। इसके बाद गुजरात के खेड़ा में किसानों का कर माफ यानी Tax Finish कराने के लिए उन्होंने आंदोलन किया था, जिससे वे राष्ट्र लेवल पर उभरे थे। 

2. असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement, 1920)

जलियांवाला बाग हत्याकांड और रोलेट एक्ट के विरोध में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने भारतीयों से ब्रिटिश वस्तुओं, स्कूलों, अदालतों और सरकारी नौकरियों का बहिष्कार करने के लिए लोगों को जागरूक किया था।

3. दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा आंदोलन (Salt March & Civil Disobedience, 1930)

क्या आप जानते है अंग्रेजों के नमक कानून को तोड़ने के लिए गांधी जी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील की ऐतिहासिक यात्रा की थी। फिर, 6 अप्रैल को नमक बनाकर उन्होंने अंग्रेजों के एकाधिकार को चुनौती भी दी थी।

4. भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement, 1942)

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान गांधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ अंतिम बड़ा बिगुल फूंका। 8 अगस्त 1942 को उन्होंने प्रसिद्ध नारा ‘करो या मरो’ (Do or Die) दिया था, जिसने पूरे देश में क्रांति की लहर को दौड़ा दिया था। साथ ही, अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था।

महात्मा गांधी से जुड़े महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान तथ्य क्या है? 

  • उपाधियां: रवींद्रनाथ टैगोर ने मोहनदास करमचंद गांधी को 'महात्मा' की उपाधि दी थी। साथ ही, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में सिंगापुर रेडियो से उन्हें पहली बार 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था।
  • आत्मकथा: बापू की प्रसिद्ध आत्मकथा का नाम ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ (The Story of My Experiments with Truth) है।
  • समाधि स्थल: दिल्ली में यमुना नदी के तट पर स्थित बापू के समाधि स्थल को 'राजघाट' के नाम से जाना जाता है।

महात्मा गांधी से जुड़े प्रमुख तथ्य 

छात्र महात्मा गांधी की जयंती से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में जानने के लिए नीचे दी गई इस टेबल को देख सकते हैं।

इवेंट 

डिटेल्स 

पूरा नाम

मोहनदास करमचंद गांधी

जन्म तिथि और स्थान

2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर (गुजरात)

उपाधि

'महात्मा' (रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा दी गई), 'राष्ट्रपिता' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा)

मुख्य सिद्धांत

सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वदेशी और सरवोदय

वैश्विक पहचान

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस'

गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके बताए सत्य, अहिंसा, सद्भाव और स्वच्छता के मार्ग पर चलकर ही एक समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत का निर्माण किया जा सकता है।

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Akshara Verma
Akshara Verma

Executive - Editorial

Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.

A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 1, 2026, 18:23 IST

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