भारत के इतिहास के पन्ने पलटकर देखें, तो हमें यहां कई प्राचीन किलों के बारे में पढ़ने को मिलता है। इनमें कुछ किले ऐसे भी हैं, जिनका निर्माण 1000 साल तक पहले तक हुआ था। हालांकि, इनमें से एक किला ऐसा भी है, जो कि भारत का सबसे आखिरी किला या भारत का सबसे नया किला भी है। इस किले का निर्माण 1944 में किया गया था और इसके बाद पूरे भारत में किसी भी रियासतकाल में किसी भी किले का निर्माण नहीं हुआ। इस लेख में हम किले का इतिहास और इससे जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में जानेंगे।
भारत का सबसे नया किला
भारत के सबसे आखिरी किले की बात करें, तो यह मोहनगढ़ किला है, जो कि राजस्थान के जैसलमेर में बना हुआ है। यह किला भारत का वह किला है, जिसका सबसे आखिर में निर्माण हुआ था। इसके बाद किसी भी रियासत में कोई भी नया किला नहीं बना है।
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किसने करवाया था किले का निर्माण
मोहनगढ़ किले का निर्माण 1944 में जैसलमेर के महाराजा जवाहर सिंह ने करवाया था। हालांकि, इसकी नींव महाराज कुमार गिरधर सिंह ने रखी थी। यह किला जैसलमेर शहर से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। किले का निर्माण पीले बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से किया गया है। आज भी इस किले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
क्यों किया गया था निर्माण
किले का निर्माण महाराजा जवाहर सिंह ने अपने छोटे बेटे महाराज हुकूम सिंह के लिए करवाया था। साथ ही, इस किले का प्रयोग रेवेन्यू इकट्ठा करने और थार रेगिस्तान पर नजर रखने के लिए किया गया था। यही वजह है कि इस किले के चारों ओर बुर्ज बनाए गए हैं, जिनसे रेगिस्तानी इलाके में नजर रखी जाती थी। किले के चारों ओर दरवाजों पर संगमरमर से बने हाथियों की मूर्तियों को लगाया गया है।
आज बन गया है हेरिटेज होटल
मोहनगढ़ किला आज एक हेरिटेज होटल बन गया है। इसका संचालन अब महाराजा जवाहर सिंह के पौते डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा किया जाता है। यहां आम पर्यटक कुछ दिनों तक रूककर लग्जिरियस लाइफ का अनुभव कर सकते हैं। किले की बनावट और सुंदरता की वजह से यहां कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है।
