भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जिसमें करीब 1,45,000 शब्द लिखे गए हैं। इस संविधान को बनाने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिनों का समय लगा था। उस समय संविधान को टाइप करने के बजाय हाथ से लिखना उचित समझा गया था।
यही वजह है कि संविधान विशेषज्ञों ने भारत के दो बड़े महान लेखकों को यह जिम्मेदारी दी थी, जिनमें से एक व्यक्ति को अंग्रेजी भाषा में संविधान लिखना था, जबकि एक व्यक्ति को हिंदी भाषा में संविधान लिखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर वह व्यक्ति कौन है, जिसने भारतीय संविधान को हिंदी में लिखा था ?
हिंदी में किसने लिखा था भारतीय संविधान
भारतीय संविधान को हिंदी में लिखने का काम वसंत कृष्ण वैद्य ने किया था। वह एक कैलिग्राफर एक्सपर्ट होने के साथ-साथ पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी भी थे, जिन्होंने अपने हाथों से सुंदर अक्षरों की बनावट साथ भारतीय संविधान को कागजों पर उतारा था।
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देवनागरी लिपि में लिखा गया था संविधान
वसंत कृष्ण ने भारतीय संविधान को लिखने में पारंपरिक भारतीय लेखन शैली का उपयोग किया था। उन्होंने देवनागरी लिपि में भारतीय संविधान को लिखा था। उनके द्वारा लिखे गए शब्द बहुत ही सुंदर थे, जो कि आज भी देखने लायक हैं।
नंदलाल बोस ने चित्रकारी से डाली थी जान
वसंत कृष्ण ने पन्नों पर सिर्फ संविधान के बारे में लिखा था, जबकि शांतिनिकेतन के कलाकार आचार्य नंदलाल बोस द्वारा पन्नों पर सुंदर चित्रकारी कर संविधान के पन्नों में जान डाली गई थी। उन्होंने पन्नों के बॉर्डर को भारतीय इतिहास, रामायण और महाभारत की सुंदर चित्रकारी से सजाया था।
कहां रखी है संविधान की मूल कॉपी
आपको बता दें कि भारतीय संविधान की मूल कॉपी आज भी संसद भवन की लाइब्रेरी में देखी जा सकती है। इसे एक कांच के बॉक्स में रखा गया है, जिसमें हीलियम गैस भरी हुई है। हीलियम गैस से संविधान के पन्ने कभी खराब नहीं होंगे, जिससे इन्हें भविष्य में भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
अंग्रेजी में किसने लिखा है भारतीय संविधान
भारतीय संविधान को अंग्रेजी में लिखने का काम प्रेम बिहारी नारायणजादा ने किया है। उन्होंने संविधान लिखने के लिए कोई पैसे नहीं लिये थे, बल्कि संविधान के प्रत्येक पेज पर अपना नाम लिखा था।
